इस्लामाबाद, 15 जुलाई (भाषा) जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोमवार को पिछले साल नौ मई को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन में अपनी भूमिका के आरोपों को खारिज कर दिया।
गत वर्ष नौ मई को उनके समर्थकों ने कथित तौर पर सरकारी भवनों और सैन्य शहीदों के स्मारकों पर हमला किया था।
राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने 19 करोड़ पाउंड के भ्रष्टाचार के मामले में खान को गिरफ्तार किया था जिसके बाद दंगे हुए थे।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान गत वर्ष नौ मई को हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में ‘व्हाट्सएप वीडियो’ के माध्यम से लाहौर की आतंकवाद निरोधी अदालत में पेश हुए। जज खालिद अरशद ने मामले की सुनवाई की।
बीबीसी उर्दू ने अदालत में मौजूद एक स्थानीय पत्रकार के हवाले से बताया कि खान ने सुनवाई के दौरान अपनी दलीलों में अदालत से कहा कि वह हिंसक विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं थे।
उन्होंने कहा, ‘मैंने नौ मई को आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम नहीं दिया और ये झूठे आरोप हैं। अपने 28 साल के राजनीतिक इतिहास में मैंने कभी भी हिंसक घटनाएं नहीं की हैं।’
भाषा
योगेश वैभव
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