(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, दो मई ( भाषा ) भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े विवाद और राष्ट्रीय शिविर बंद होने के बीच प्रदर्शन से खुद को अलग थलग रखने वाले पहलवानों ने भारतीय खेल प्राधिकरण के अभ्यास केंद्र खुलवाने की मांग की है ताकि एशियाई खेलों की तैयारियां की जा सके ।
फ्रीस्टाइल और ग्रीको रोमन पुरूष पहलवानों के राष्ट्रीय शिविर बहालगढ (सोनीपत) और महिलाओं का शिविर लखनऊ में आयोजित किया जाता है ।
बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट समेत देश के प्रमुख पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर 23 अप्रैल से जंतर मंतर पर धरना फिर शुरू किया ।
राष्ट्रीय शिविर आठ अप्रैल से बंद है और अभी तक शुरू नहीं हुआ ।
दस भारवर्ग में 300 से अधिक पहलवान ( सीनियर, जूनियर, कैडेट और अंडर15) सोनीपत में और सौ से अधिक महिला पहलवान लखनऊ में अभ्यास करते हैं ।
नरसिंह पंचम यादव ने मुंबई से पीटीआई से कहा ,‘‘ मेरे पास अभ्यास का जोड़ीदार नहीं है । राष्ट्रीय शिविर फिर शुरू होना चाहिये । एशियाई खेल दो महीने बाद है । साइ को शिविर फिर शुरू करना चाहिये । जूनियर पहलवान क्यों भुगते ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ जहां मैं अभ्यास करता हूं, वहां 25 पहलवान हैं और अधिकांश जूनियर हैं । मेरे पास अभ्यास के जोड़ीदार नहीं है । वे अनुभवहीन है । अब एशियाई खेलों में अधिक समय नहीं बचा है और विश्व चैम्पियनशिप भी होनी है । राष्ट्रीय शिविर शुरू होना ही चाहिये ।’’
पहलवानों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे सच नहीं पता है ।अगर वाकई यौन उत्पीड़न हुआ है तो गलत है ।’’
ग्रीको रोमन शैली में 82 किलो में उतरने वाले संदीप देशवाल ने कहा ,‘‘ मैं शिविर बंद होने के बाद से रोहतक में हूं । यह काफी कठिन है । जोर नहीं हो पा रहा । मैने कई बार कोचों से बात की लेकिन किसी को नहीं पता कि राष्ट्रीय शिविर शुरू क्यो नहीं हो रहा ।’
ग्रीको रोमन के राष्ट्रीय कोच हरगोबिंद सिंह ने कहा ,‘‘ मैंने साइ अधिकारियों से कई बार बात की लेकिन ठोस जवाब नहीं मिला । अस्ताना में एशियाई चैम्पियनशिप को हुए काफी समय हो गया । अब तक शिविर बहाल हो जाना चाहिये था ।’’
साइ के सोनीपत केंद्र की निदेशक ललिता शर्मा ने कहा कि उन्हें राष्ट्रीय शिविर को लेकर अभी तक कोई सूचना नहीं मिली है । इस बीच साइ के महानिदेशक संदीप प्रधान ने फोन नहीं उठाया और मैसेज का जवाब भी नहीं दिया ।
इस बीच एक महिला पहलवान ने कहा ,‘‘ मैं अपने केंद्र पर अभ्यास कर रही हूं । जब तक शिविर में कोचों को लेकर स्पष्टता नहीं होती, मैं नहीं जाऊंगी । शिविर लखनऊ में होता है तो ठीक है लेकिन कहीं और होता है तो कुछ चीजों पर स्पष्टता चाहिये ।’’
भाषा
मोना सुधीर
सुधीर
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.
