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Saturday, 17 January, 2026
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डब्ल्यूएफआई ने तकनीकी अधिकारियों को अंतर-विश्वविद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता से रोका

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नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में पांच जनवरी से होने वाली अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय कुश्ती चैंपियनशिप पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं क्योंकि मेजबान विश्वविद्यालय ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा सुझाए गए रेफरी पैनल से अलग पैनल चुना है जिसके कारण राष्ट्रीय महासंघ ने तकनीकी अधिकारियों को भेजने से मना कर दिया है।

भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) ने 11 दिसंबर को एक सर्कुलर जारी किया था जिसमें साफ तौर पर कहा गया था कि संबंधित राष्ट्रीय खेल महासंघ चैंपियनशिप के तकनीकी संचालन को देखेगा।

इसके बाद डब्ल्यूएफआई ने 24 दिसंबर को एआईयू को प्रतियोगिता के लिए अंतरराष्ट्रीय रेफरी का एक पैनल सौंपा। हालांकि महासंघ ने 27 दिसंबर को एकआईयू को बताया कि चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने रेफरी पैनल के लिए सीधे उनसे संपर्क नहीं किया था।

तीस दिसंबर को डब्ल्यूएफाई को चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से स्वीकृति के लिए रेफरी का एक अलग पैनल मिला। महासंघ ने मेजबान विश्वविद्यालय को बताया कि उसने पहले ही एआईयू को एक स्वीकृत पैनल भेज दिया है और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय को सलाह दी कि वह अपनी जरूरत के हिसाब से उस सूची से अधिकारियों को नियुक्त करे।

डब्ल्यूएफआई ने कहा कि इसके बाद चंडीगढ़ विश्वविद्यालय से कोई जवाब नहीं मिला। एआईयू ने 31 दिसंबर को एक बार फिर डब्ल्यूएफआई से स्वीकृति रेफरी का पैनल मेजबान विश्वविद्यालय को भेजा।

महासंघ ने कहा, ‘‘इसके बावजूद चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति के संबंध में डब्ल्यूएफआई से कोई बातचीत शुरू नहीं की।’’

नतीजतन दो जनवरी को डब्ल्यूएफआई ने औपचारिक रूप से एआईयू और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय दोनों को सूचित किया कि पुष्टि की कमी और बाकी बचे बहुत कम समय को देखते हुए तकनीकी अधिकारियों के लिए चैंपियनशिप में शामिल होना संभव नहीं होगा जिन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों से यात्रा करनी होगी।

डब्ल्यूएफआई ने इस बात पर भी चिंता जताई कि मेजबान विश्वविद्यालय ने टीएसआर प्रणाली के वेंडर से संपर्क गैर कंप्यूटराइज्ड प्रणाली से प्रतियोगिता के ड्रॉ कराने की कोशिश की जिसे महासंघ ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्थापित नियमों के खिलाफ बताया।

इस गतिरोध ने चैंपियनशिप के तकनीकी संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं विश्वविद्यालय के खेल कैलेंडर में एक महत्वपूर्ण प्रतियोगिता है और उभरते हुए पहलवानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। अब प्रतियोगिता के सुचारू संचालन पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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