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Saturday, 17 January, 2026
होमखेलविजय हजारे ट्रॉफी फाइनल: सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच रोमांचक मुकाबला होने की संभावना

विजय हजारे ट्रॉफी फाइनल: सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच रोमांचक मुकाबला होने की संभावना

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बेंगलुरु, 17 जनवरी (भाषा) बिना किसी स्टार खिलाड़ी के बावजूद अब तक बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सौराष्ट्र और विदर्भ के बीच रविवार को यहां बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) के मैदान पर होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल में रोमांचक मुकाबला होने की संभावना है क्योंकि दोनों टीम कागजों पर एक समान नजर आती हैं।

विदर्भ अपना तीसरा जबकि सौराष्ट्र पहला खिताब जीतने के लिए आमने-सामने होंगे। दोनों टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है जिससे उनकी टीम मजबूत टीमों को हराने में सफल रही।

सौराष्ट्र के कप्तान हार्विक देसाई 561 रन के साथ टीम के शीर्ष रन स्कोरर हैं। उन्हें विश्वराज जडेजा का अच्छा साथ मिला है जिन्होंने पंजाब के खिलाफ सेमीफाइनल में शतक लगाकर टीम को जीत दिलाई थी।

दूसरी ओर विदर्भ की बल्लेबाजी को टूर्नामेंट में सबसे अधिक रन बनाने वाले अमन मोखाडे (781 रन) और ध्रुव शोरे (515 रन) ने मजबूती दी है।

मोखाडे पारंपरिक सलामी बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। कर्नाटक के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने जिस तरह धैर्य से शतक जड़ा उससे उनके कौशल का पता चलता है।

रविकुमार समर्थ ने भी मध्य क्रम में कुछ उपयोगी योगदान देकर अपनी अहमियत साबित की है और उन्होंने अब तक कुल 427 रन बनाए हैं।

बल्लेबाजी के लिहाज से इन दोनों टीमों में कोई खास अंतर नहीं है और गेंदबाजी की कहानी भी कुछ इसी तरह की है।

तेज गेंदबाज अंकुर पंवार (21 विकेट) और चेतन सकारिया (15) ने सौराष्ट्र के आक्रमण को अच्छी तरह से संभाला है। इन दोनों ने नई गेंद और डेथ ओवरों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।

विदर्भ ने इस टूर्नामेंट में गेंदबाजी विभाग में नचिकेत भूटे (15) और यश ठाकुर (15) पर अब तक जो भरोसा दिखाया है उस पर वह पूरी तरह से खरे उतरे हैं और फाइनल में भी इस तेज गेंदबाजी जोड़ी से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।

दर्शन नालकंडे (12) भी विदर्भ को तेज गेंदबाजी विकल्प प्रदान करते हैं। सेमीफाइनल के अंतिम ओवरों में जिस तरह से उन्होंने कर्नाटक की बल्लेबाजी को ध्वस्त किया, उससे उनके कौशल और धैर्य का पता चलता है।

फाइनल में टॉस महत्वपूर्ण कारक साबित हो सकता है क्योंकि दूसरी पारी की शुरुआत में ओस पड़ने लगती है और जो भी टीम टॉस जीतेगी वह पहले गेंदबाजी करना चाहेगी।

यहां सीओई के दोनों मैदानों पर खेले गए छह नॉकआउट मैचों में से चार में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने जीत हासिल की है। यह प्रवृत्ति जारी रहने की संभावना है, जिससे विशेष पर दूसरी पारी में स्पिनरों की भूमिका भी कम हो जाएगी।

हालांकि विदर्भ के युवा कप्तान और बाएं हाथ के स्पिनर हर्ष दुबे की बल्लेबाजों को नियंत्रण में रखने की क्षमता काम आ सकती है। ऐसी परिस्थितियों में वही टीम चैंपियन बनेगी जो बेहतर धैर्य और जज्बा दिखाएगी।

टीम इस प्रकार हैं:

विदर्भ: हर्ष दुबे (कप्तान), यश ठाकुर (उप-कप्तान), अथर्व तायडे, ध्रुव शौरी, अमन मोखाड़े, यश राठौड़, शिवम देशमुख (विकेटकीपर), अक्षय वाडकर, नचिकेत भुटे, दर्शन नालकंडे, आर समर्थ, पार्थ रेखाडे, दीपेश परवानी, प्रफुल्ल हिंगे, शुभम दुबे, गणेश भोसले।

सौराष्ट्र: हार्विक देसाई (विकेटकीपर/कप्तान), विश्वराज जड़ेजा, प्रेरक मांकड़, सम्मर गज्जर, चिराग जानी, रुचित अहीर, धर्मेंद्रसिंह जाडेजा, अंकुर पंवार, प्रशांत राणा, आदित्य जड़ेजा, चेतन सकारिया, हेतविक कोटक, प्रणव कारिया, युवराज चुडासमा, पार्थ भुट, तरंग गोहेल, जय गोहिल, अंश गोसाई, पार्श्वराज राणा, हितेन कंबी।

मैच दोपहर 1.30 बजे शुरू होगा।

भाषा पंत

पंत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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