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Wednesday, 4 March, 2026
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वैशाली बनीं ग्रैंडमास्टर, दुनिया की पहली भाई-बहन ग्रैंडमास्टर जोड़ी बने प्रज्ञानानंद और वैशाली

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चेन्नई, दो दिसंबर (भाषा) भारतीय शतरंज खिलाड़ी आर वैशाली स्पेन के एल लोब्रेगाट ओपन में ग्रैंडमास्टर खिताब हासिल करने वाली देश की तीसरी महिला खिलाड़ी बनी। इससे वह अपने भाई आर प्रज्ञानानंदा के साथ मिलकर दुनिया की पहली भाई-बहन ग्रैंडमास्टर जोड़ी बन गयीं।

वैशाली ने यह उपलब्धि शुक्रवार को 2500 ईएलओ रेटिंग अंक पार करने के बाद हासिल की। वह देश की 84वीं ग्रैंडमास्टर (जीएम) हैं।

कोनेरू हम्पी और डी हरिका भारत की दो अन्य महिला ग्रैंडमास्टर खिलाड़ी हैं।

चेन्नई की 22 साल की वैशाली ने स्पेन में 2500 ईएलओ रेटिंग अंक का आंकड़ा पार किया जिसमें उन्होंने दूसरे दौर में तुर्की की तैमर तारिक सेल्बेस को पराजित किया।

वैशाली ने अक्टूबर में कतर मास्टर्स टूर्नामेंट में तीसरी जीएम नॉर्म हासिल की थी और उन्हें अपनी ईएलओ रेटिंग बढ़ाने की जरूरत थी।

इस तरह प्रज्ञानानंदा और वैशाली विश्व चैम्पियनशिप मैच के लिए क्वालीफाइंग टूर्नामेंट कैंडिडेट्स में जगह बनाने वाली पहली भाई-बहन की जोड़ी भी बन गये। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट अप्रैल में टोरंटो में खेला जायेगा।

वैशाली के छोटे भाई प्रज्ञानानंदा ने 2018 में जीएम खिताब हासिल किया था जब वह महज 12 साल के थे।

हम्पी जीएम खिताब हासिल करने वाली दुनिया की सबसे युवा महिला खिलाड़ी हैं। वह 15 साल की उम्र में 2002 में जीएम बनी थीं।

शतरंज के महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने सोशल नेटवर्किंग मंच ‘एक्स’ पर वैशाली को बधाई देते हुए कहा, ‘‘पिछले कुछ महीनों में उसने काफी मेहनत की है और यह अच्छा संकेत है क्योंकि वह कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए तैयारी कर रही है। उनके माता-पिता को बधाई। ’’

वैशाली के पिता रमेशबाबू खुद एक शतरंज खिलाड़ी हैं जिन्होंने ही अपने बच्चों को इस खेल में आने के लिए प्रोत्साहित किया।  

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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