नयी दिल्ली, 13 जनवरी (भाषा) भारतीय निशानेबाजी महासंघ के प्रमुख कलिकेश सिंह देव ने कहा कि यौन कदाचार को लेकर महासंघ की ‘जीरो टॉलरेंस ’ (शून्य सहिष्णुता) नीति है और राष्ट्रीय कोच अंकुश भारद्वाज द्वारा एक नाबालिग निशानेबाज के कथित यौन उत्पीड़न के मामले की जांच कर रही एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया जायेगा ।
मोहाली के रहने वाले पिस्टल कोच भारद्वाज के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धारा छह के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(दो) के तहत आपराधिक धमकी का मामला दर्ज किया गया है।
सत्रह वर्ष की एक निशानेबाज ने फरीदाबाद में प्राथमिकी दर्ज कराई है । पुलिस ने कहा कि अपराध शाखा की दो टीमें और महिला पुलिस थाना आरोपी की तलाश के लिये छापेमारी कर रही है ।
कलिकेश ने पीटीआई वीडियो से कहा ,‘‘ यह काफी संवेदनशील मामला है और एनआरएआई यह सुनिश्चित करने पर फोकस करता रहा है कि खिलाड़ियों के लिये सुरक्षित प्रदर्शन वातावरण और कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल प्रदान करें ।’’
उन्होंने कहा कि मामले का पता चलते ही एनआरएआई ने कोच को निलंबित कर दिया है ।
उन्होंने कहा ,‘‘ चूंकि मामले की शिकायत सीधे पुलिस के पास की गई है तो जांच पुलिस ही कर रही है । एनआरएआई जांच में पूरा सहयोग करेगा । अगर हमारे पास शिकायत आती तो हम सीधे आंतरिक शिकायत समिति के पास भेजते । दोषी पाये जाने पर कानून के अनुसार उसे सजा दी जाती ।’’
उन्होंने यह भी कहा कि किसी कोच के खिलाफ यौन उत्पीड़न की यह पहली शिकायत है ।
उन्होंने कहा ,‘‘ एनआरएआई में पिछले चार या पांच साल में सिर्फ एक मामला हमारे सामने आया था जो प्रदेश महासंघ स्तर का था । सभी खिलाड़ियों, कोचों और अधिकारियों के लिये एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) पर हस्ताक्षर करना अनिवार्य है जिसमें बताया गया है कि क्या स्वीकार्य है और क्या नहीं ।’’
कलिकेश ने कहा ,‘‘ इस एसओपी के तहत कोच किसी खिलाड़ी को कमरे में नहीं ले जा सकते । खिलाड़ियों और कोचों या अधिकारियों के बीच बातचीत सार्वजनिक स्थानों या रेंज पर होगी । युवा खिलाड़ी कई बार खुलकर बताने से डरते हैं लेकिन उन्हें अपने अधिकारों के बारे में जानना होगा और यह भी कि वे निर्भीक होकर एनआरएआई या आंतरिक जांच समिति या पॉश समिति के बाहरी सदस्य के पास जाकर ऐसे किसी मामले की शिकायत कर सकते हैं ।’’
भाषा
मोना पंत
पंत
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