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Saturday, 28 March, 2026
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खेल मंत्रालय ने एनटीपीसी, आरईसी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया

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नयी दिल्ली, 14 सितंबर (भाषा) खेल मंत्रालय ने बुधवार को देश के सबसे बड़े ऊर्जा समूह एनटीपीसी और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए, जिसमें दोनों सार्वजनिक उपक्रमों ने राष्ट्रीय खेल विकास कोष (एनएसडीएफ) को 215 करोड़ रुपये देने का वादा किया।

एनटीपीसी जहां तीरंदाजी के विकास के लिए 115 करोड़ रुपये देगी, वहीं आरईसी महिला हॉकी और मुक्केबाजी के लिए 100 करोड़ रुपये देगी।

समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर के दौरान खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, बिजली और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह, एनटीपीसी के मुख्य प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह और आरईसी के मुख्य प्रबंध निदेशक विवेक कुमार सहित अन्य लोग शामिल मौजूद थे।

एनटीपीसी 2018 से खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और भारतीय तीरंदाजी संघ (एएआई) के साथ साझेदारी में तीरंदाजों का समर्थन कर रहा है। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करना है।

अपनी सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी) पहल के तहत एनटीपीसी ने तीरंदाजी के विकास के लिए पांच वर्षों में 115 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें से प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, धनुष और तीर जैसे उपकरणों के लिए 15 करोड़ रुपये एकमुश्त खर्च किये जायेंगे। बाकी के 100 करोड़ रुपये अगले पांच साल में खर्च किये जायेंगे।

इस अवसर पर ठाकुर ने कहा कि देश में खेलों को बढ़ावा देने के पीछे वित्तीय सहायता काफी अहमहै और भारत को एक खेल राष्ट्र बनाने के सरकार के प्रयास में सार्वजनिक उपक्रमों से इस तरह की अधिक मदद की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘‘जैसे किसी एथलीट को ताकत की आवश्यकता होती है, वैसे ही खेलों को बढ़ावा देने के लिए धन की आवश्यकता होती है। एनटीपीसी और आरईसी की यह पहल एथलीटों को देश के लिए पदक जीतने का मनोबल देगा।’’

आर.के. सिंह ने कहा, ‘‘मैं अन्य कंपनियों, सार्वजनिक उपक्रमों और व्यक्तियों से इस तरह ही पहल के लिए आगे आने और खेलों को बढ़ावा देने का आग्रह करता हूं। ’’

भाषा आनन्द नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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