हुब्बली, 23 फरवरी (भाषा)पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंची जम्मू कश्मीर की कहानी लगन और जुझारूपन की मिसाल है लेकिन खिताब जीतने के लिये इस छिपी रूस्तम टीम को अगले पांच दिन में आठ बार की चैम्पियन कर्नाटक के खिलाफ चमत्कारिक प्रदर्शन करना होगा ।
कर्नाटक को उसके अतीत के प्रदर्शन के कारण ही प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा बल्कि इस सत्र में उसने समय समय पर प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों से जूझने के बावजूद अलग अलग हालात में बेहतरीन प्रदर्शन किया है ।
राजकोट में सौराष्ट्र के खिलाफ पहले मुकाबले में खराब शुरूआत के बाद से कर्नाटक ने अपने मैदान पर और बाहर दमदार प्रदर्शन किया है । उसके स्टार बल्लेबाजों केएल राहुल, करूण नायर, देवदत्त पडिक्कल और रविचंद्रन स्मरण ने इस कामयाबी की कहानी लिखी है ।
राहुल ने तीन मैचों में 457 रन, करूण ने आठ मैचों में 699 रन , पडिक्कल ने पांच मैचों में 532 रन और स्मरण ने आठ मैचों में 950 रन बनाये हैं । इससे कर्नाटक को कप्तानी में बदलाव से सामंजस्य बिठाने में भी मदद मिली । मयंक अग्रवाल की जगह पडिक्कल ने टीम की कमान संभाली और बल्लेबाजी तथा कप्तानी दोनों में खरे उतरे ।
इस मजबूत बल्लेबाजी क्रम का सामना हालांकि तेज गेंदबाज आकिब नबी की अगुवाई में जम्मू कश्मीर के बेहतरीन गेंदबाजों से होगा । जम्मू कश्मीर ने 67 साल पहले रणजी ट्रॉफी में पदार्पण के बाद पहली बार फाइनल में प्रवेश किया है ।
नबी ने इस सत्र में 55 विकेट लिये हैं और यहां पर भी पिच से शुरूआत में तेज गेंदबाजों को मदद मिलने की उम्मीद है ।
वैसे कर्नाटक के पास भी शानदार गेंदबाजी आक्रमण है जिसकी अगुवाई भारतीय तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा करेंगे । उनका साथ देने के लिये विद्वत कावेरप्पा, विद्याधर पाटिल, विशाख विजयकुमार, शिखर शेट्टी और मोहसिन खान हैं । लेग स्पिनर श्रेयस गोपाल 46 विकेट लेने के अलावा 442 रन बना चुके हैं ।
कर्नाटक के पूर्व कप्तान आर विनय कुमार ने कहा ,‘‘ श्रेयस ने इस सत्र में शानदार प्रदर्शन किया है और काफी उपयोगी साबित हुआ है । इससे कर्नाटक दमदार टीम बनकर उभरी है ।’’
अपने खिलाड़ियों के हुनर के अलावा कर्नाटक बड़े मैचों के उनके अनुभव के आधार पर भी प्रबल दावेदार लग रहा है । राहुल, करूण, श्रेयस और मयंक उस टीम का हिस्सा थे जिसने 2013 . 14 और 2014 . 15 में लगातार दो बार खिताब जीते । ये युवा खिलाड़ियों को दबाव का सामना करने के लिये मशविरा दे सकते हैं ।
बंगाल और मध्यप्रदेश जैसे दिग्गजों को हराने वाली जम्मू कश्मीर टीम के पास पारस डोगरा जैसा अनुभवी कप्तान है । मुख्य कोच अजय शर्मा और 41 वर्ष के डोगरा को खिलाड़ियों को बिना किसी दबाव के खुलकर खेलने का गुरूमंत्र देना होगा ।
टीमें :
कर्नाटक : देवदत्त पडिक्कल (कप्तान ), मयंक अग्रवाल, केएल राहुल, करूण नायर, केवी अनीश, आर स्मरण, श्रेयस गोपाल, कृतिक कृष्णा, विशाख विजयकुमार, विद्याधर पाटिल, विद्वत कावेरप्पा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहसिन खान, शिखर शेट्टी, केएल श्रीजित
जम्मू कश्मीर : पारस डोगरा (कप्तान), अब्दुल समद, शुभम खजूरिया, कामरान इकबाल, आबिद मुश्ताक, विवांत शर्मा, रोहित शर्मा, उमरान मलिक, युधवीर सिंह, आकिब नबी, सुनील कुमार, लोन नासिर, मुज्तबा युसूफ, मुसाइफ एजाज, साहिल लोटरा, वंशज शर्मा, उमर नजीर मीर, कन्हैया वधावन, यावेर हसन ।
मैच का समय : सुबह 9 . 30 से ।
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मोना
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