नयी दिल्ली, छह जनवरी (भाषा) भारत में होने वाले आगामी टी20 विश्व कप की तैयारी कर रहे न्यूजीलैंड के विस्फोटक बल्लेबाज ग्लेन फिलिप्स का मानना है कि बायें हाथ की उनकी बल्लेबाजी में सुधार से भविष्य में बायें हाथ के स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उन्हें काफी मदद मिल सकती है ।
लीक से हटकर खेलने के अंदाज के लिए मशहूर फिलिप्स ने पिछले मंगलवार को ‘सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट्स’ के खिलाफ ‘न्यूजीलैंड सुपर स्मैश’ मुकाबले में ‘ओटागो’ के लिए नाबाद 90 रन की पारी से प्रभावित किया।
इस दौरान उन्होंने बाये हाथ के स्पिनर जेडन लेनोक्स के खिलाफ बायें हाथ के बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी करते हुए एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से उसी सहजता से छक्का जड़ा , जैसा की वह अपनी नियमित दायें हाथ की बल्लेबाजी में करते है। वह इस शॉट के दौरान अगर अपने सामान्य दायें हाथ के स्टांस में होते तो गेंद मिडविकेट के ऊपर से निकल जाती।
‘ईएसपीनक्रिकइंफो’ ने फिलिप्स के हवाले से कहा, ‘‘ अभ्यास के दौरान मैं बायें हाथ की बल्लेबाजी का लुत्फ उठाता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ जाहिर है मैं इसे कई कारणों से करता हूं। एक तो, अपने दोनों हाथों और दिमाग के दोनों हिस्सों को सक्रिय रखने के लिए और दूसरा मेरा मानना है कि बायें हाथ के स्पिनर से निपटने का यह कारगर तरीका हो सकता है।’’
आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाज से दूर जाती गेंद को अधिक कारगर माना जाता है। इसके चलते टीमें दायें हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए बायें हाथ के स्पिनरों को टीम में प्राथमिकता देती हैं।
फिलिप्स ने अपने इस नये प्रयोग के बारे में ‘न्यूजीलैंड क्रिकेट’ से कहा कि उन्हें इस शॉट को विकसित करने में ‘कुछ साल’ लग गये।
उन्होंने कहा, ‘‘यह भविष्य की बात है।’’
फिलिप्स ने कहा, ‘‘ जब मुझे ऐसे मैच में मौका मिला जहां बायें हाथ के ऑफ-स्पिन गेंदबाजों का दबदबा रहने वाला था, तो मुझे लगता है कि इसे आजमाना और उस मैच से पहले की ट्रेनिंग में इसे फिर से शामिल करना समझदारी भरा कदम था। मैच के दौरान इसका इस्तेमाल करने का मौका मिलना वाकई बहुत अच्छा रहा।’’
फिलिप्स ने स्वीकार किया कि प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में खुद को बायें हाथ के बल्लेबाज की तरह पूरी तरह से ढालने से पहले कई कारकों का सही तालमेल होना जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपने अभ्यास पर भरोसा रखना होगा और यह समझना होगा कि मुझे गेंद पर जितना हो सके उतना ध्यान देना है। मुझे पता है कि मैंने मेहनत और तैयारी की है, इसलिए इसमें कोई शक नहीं कि यह काम नहीं करेगा।’’
फिलिप्स ने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि मैंने आमतौर पर इसका इस्तेमाल तब किया है जब खोने के लिए कुछ नहीं होता है। कुछ ओवर बचे होते हैं और तब थोड़ा मजा करने का समय होता है।’’
न्यूजीलैंड का सीमित ओवरों की श्रृंखला के लिए भारत का क्रिकेट दौरा रविवार को वडोदरा में वनडे मैच से शुरू होगा।
तीन मैचों की वनडे श्रृंखला के बाद दोनों टीमें पांच मैचों की टी20 श्रृंखला में एक-दूसरे का आमना सामना करेंगी। विश्व कप से पहले यह दोनों टीमों के लिये तैयारी का आखिरी मौका है ।
टी20 विश्व कप सात फरवरी से शुरू होगा और भारत और श्रीलंका में एक साथ आयोजित किया जाएगा।
फिलिप्स ने कहा, ‘‘ विश्व कप की तैयारी बिलकुल सही चल रही है। इस श्रृंखला में हालांकि विश्व कप में मिलने वाली परिस्थितियों से थोड़ी अलग भी हो सकती हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप कभी नहीं जान सकते कि लोग किस तरह की पिचें तैयार करेंगे, खासकर अगर हम उपमहाद्वीप की टीमों के साथ खेल रहे हो तो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे ऐसी पिचें बनाने की कोशिश करते हैं जो स्पिन गेंदबाजों के लिए थोड़ी मददगार हों। लेकिन जब हम इस टी20 और वनडे दौरे पर होते हैं, तो वे वास्तव में काफी अच्छी पिचें तैयार करते हैं।’’
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आनन्द मोना
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