कराची, दो मार्च (भाषा) चैंपियंस ट्रॉफी से राष्ट्रीय टीम के जल्दी बाहर होने के बाद पाकिस्तान के पूर्व सितारों की प्रतिक्रिया हास्यास्पद से लेकर निराशाजनक रही हैं जिसमें जहां सकलेन मुश्ताक ने भारत के साथ सभी प्रारूपों में द्विपक्षीय श्रृंखला में खेलने की चुनौती देने की बात कही तो वहीं इंजमाम उल हक द्वारा क्रिकेट बोर्ड से अपने खिलाड़ियों को आईपीएल में नहीं भेजने की अपील तक की गई है।
चैंपियन ऑफ स्पिनर और पाकिस्तान टीम के मुख्य कोच रह चुके सकलेन ने एक टीवी चैनल पर कहा कि भारत के पास बहुत अच्छी टीम है, लेकिन पाकिस्तान की हार का कारण दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट की अनुपस्थिति है।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर भारत यह साबित करना चाहता है कि वह पाकिस्तान की टीम से बेहतर है, तो मेरा सुझाव है कि वे घरेलू और विदेशी आधार पर कम से कम 10 टेस्ट, वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की द्विपक्षीय श्रृंखला खेलें। हम एक-दूसरे के खिलाफ खेलते हुए दोनों टीमों की असली ताकत जान पाएंगे। ’’
सकलेन ने कहा कि चूंकि भारत और पाकिस्तान के बीच बहुत कम ही मुकाबला होता है इसलिए लंबे समय की योजना बनाना और अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों को हराना मुश्किल है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक बेहतर टीम है, इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि एक लंबी द्विपक्षीय श्रृंखला में ही हम जान पाएंगे कि भारत हमारे खिलाफ कितना अच्छा है। ’’
पूर्व कप्तान इंजमाम ने कहा कि भारत की हालिया प्रगति और सफलता इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की वजह से है, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आप समझ सकते हैं कि इससे भारतीय क्रिकेट को कितना फायदा हुआ है। उनके युवा खिलाड़ी खुद को निखार रहे हैं और शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ या उनके साथ खेलते हुए दबाव से निपटना सीख रहे हैं। ’’
इंजमाम ने कहा, ‘‘इसके विपरीत, भारतीय खिलाड़ियों को किसी अन्य लीग में खेलने की अनुमति नहीं है और इसका मतलब है कि भारत ने अपने क्रिकेट को विकसित किया है, जबकि अन्य टीमें पीछे रह गई हैं। ’’
इंजमाम ने अन्य देशों के बोर्ड से अपने खिलाड़ियों को आईपीएल में खेलने के लिए नहीं भेजने का आग्रह किया।
तेज गेंदबाज वसीम अकरम ने स्पष्ट किया कि वह अपनी अन्य प्रतिबद्धताओं के कारण पाकिस्तान टीम के साथ स्थायी कोचिंग की नौकरी में दिलचस्पी नहीं रखते हैं।
अकरम ने चैंपियंस ट्रॉफी शो में कहा, ‘‘लेकिन मैंने कभी कहा है कि मैं खिलाड़ियों, बोर्ड की किसी अन्य तरीके से मदद करने के लिए उपलब्ध नहीं हूं। हमारे कुछ पूर्व खिलाड़ियों, खासकर वकार यूनिस के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, मैं नहीं चाहता कि मेरे साथ भी ऐसा हो। ’’
अंतरिम मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता के रूप में काम कर चुके पूर्व सलामी बल्लेबाज मोहसिन खान ने कहा कि टीम का प्रदर्शन तभी सुधरेगा जब पाकिस्तानी कोच को उचित समय और सम्मान दिया जाएगा।
मोहसिन ने कहा, ‘‘मैंने इस स्थिति का सामना किया है। बोर्ड में ऐसे लोग हैं जो टीम के अच्छा प्रदर्शन नहीं करने पर कोचों और खिलाड़ियों पर दोष मढ़ने की कोशिश करते हैं। स्थानीय कोच के लिए कोई संयम और सम्मान नहीं दिखाया जाता है। ’’
भाषा नमिता आनन्द
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