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Wednesday, 29 April, 2026
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उनके जैसे इंसान का प्रशंसक नहीं होना संभव ही नहीं है, खेल जगत ने दी धर्मेंद्र को श्रृद्धांजलि

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नयी दिल्ली, 24 नवंबर (भाषा) चैम्पियन बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह समेत खेल जगत ने महान अभिनेता धमेंद्र की गर्मजोशी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके जैसे इंसान का प्रशंसक नहीं होना संभव ही नहीं है ।

‘‘सत्यकाम’’ , ‘शोले’, ‘बंदिनी’ , ‘अनुपमा’, ‘चुपके चुपके’ जैसी कालजयी फिल्मों समेत 300 से ज्यादा फिल्मों में काम करके मनोरंजन जगत में एक अलग मुकाम हासिल करने वाले दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र का सोमवार को निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे।

उनके निधन पर खेल जगत ने इस तरह श्रृद्धांजलि दी ।

सचिन तेंदुलकर : मैं भी उन कई लोगों में से हूं जो धर्मेंद्र जी को तुरंत चाहने लगे थे । अपने विविधतापूर्ण अभिनय से उन्होंने हमारा मनोरंजन किया । स्क्रीन का रिश्ता उसके बाहर भी और मजबूत हुआ, जब मैं उनसे मिला ।

उनकी ऊर्जा संक्रामक थी और वह मुझे हमेशा कहते थे कि तुमको देखकर एक किलो खून बढ जाता है मेरा । वह इतने गर्मजोशी से मिलते थे कि हर कोई खास महसूस करता था । उनके जैसे इंसान का प्रशंसक नहीं होना संभव ही नहीं है । उनके जाने से मेरा दिल भारी है । ऐसा लगता है कि जैसे मेरा दस किलो खून कम हो गया है । आपकी कमी खलेगी ।

विराट कोहली : हमने आज भारतीय सिनेमा के ऐसे लीजैंड को खो दिया जिन्होंने अपनी प्रतिभा और कशिश से दिलों पर राज दिया । एक महानायक जिन्होंने उन सभी को प्रेरित किया जिन्होंने उन्हे देखा । ईश्वर उनके परिवार को इस कठिन समय में शक्ति दे । पूरे परिवार के प्रति मेरी संवेदनायें ।

युवराज सिंह : हर घर में धर्मेंद्र की एक पसंदीदा फिल्म होती थी । वह हिन्दी सिनेमा के सुनहरे दौर और हमारे बचपन का हिस्सा थे । हर किरदार में उन्होंने मजबूती, कशिश और ईमानदारी भरी और हर जगह पंजाब की गर्मजोशी को लेकर गए ।

इस शोहरत के पीछे एक विनम्र, जमीन से जुड़ा , सरल इंसान था । उनकी विरासत लाखों करोड़ों के दिलों में रहेगी ।

वीवीएस लक्ष्मण : धमेंद्र जी के निधन से शोकमग्न हूं । एक कालजयी सितारा जिनकी मौजूदगी ने हमारी स्क्रीन और जिंदगियों को रोशन किया । उनकी विराज हमारे दिलों में रहेगी । उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनायें ।

हरभजन सिंह : धर्मेंद्र जी को श्रृद्धांजलि जिनकी गरिमा, दमखम और अतुल्य आकर्षण ने भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी । दमदार अभिनय और मैदान से भीतर और बाहर अपनी गर्मजोशी से उन्होंने अनगिनत दिलों को छुआ और पीढियों को प्रेरित किया ।

वीरेंद्र सहवाग : धर्मेंद्र जी सिर्फ अभिनेता नहीं थे, एक युग थे । सादगी में सितारा, ताकत में ही मैन और दिल में सोना । उनकी फिल्में, उनका अंदाज और उनकी गर्मजोशी पीढियों तक याद रखी जायेगी । एक महान कलाकार । ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे ।

भाषा मोना सुधीर

सुधीर

मोना

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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