(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर ( भाषा ) भारतीय कुश्ती में विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहे और भारतीय ओलंपिक संघ की तदर्थ समिति ने अब गोवा राष्ट्रीय खेलों में राजस्थान प्रदेश कुश्ती संघ की प्रविष्टियां खारिज कर दी जबकि इससे पहले उसे चयन ट्रायल कराने के लिये कहा गया था ।
यह मामला अब दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंच गया है जिसने फैसला सुनाने से पहले राजस्थान उच्च न्यायालय से स्पष्टीकरण मांगा है ।
आईओए की तदर्थ समिति ही भारतीय कुश्ती महासंघ का संचालन कर रही है । समिति ने पहलवानों के चयन के मानदंडों को लेकर 29 सितंबर को एक सर्कुलर भेजा और पांच अक्टूबर को संशोधित सर्कुलर भी भेजा ।
सर्कुलर वाले ईमेल की प्रति आईओए, राष्ट्रीय खेल तकनीकी आयोजन समिति और उमेद सिंह की अध्यक्षता वाले राजस्थान प्रदेश कुश्ती संघ को भेजी गई थी जिसे राजस्थान ओलंपिक संघ ने मान्यता दी है।
उमेद सिंह ने पीटीआई से कहा ,‘‘ आईओए से सर्कुलर मिलने के बाद हमने 10 अक्टूबर को ट्रायल कराये । चयनित पहलवानों ने यात्रा का इंतजाम भी किया । अब हम उनसे क्या कहें ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ अगर आईओए की तदर्थ समिति को हमारी प्रविष्टियां स्वीकार नहीं करनी थी तो हमें ट्रायल कराने के लिये नहीं कहना चाहिये था ।’’
राष्ट्रीय खेलों में कुश्ती की स्पर्धायें एक नवंबर से शुरू होगी ।
समिति के अध्यक्ष भूपेंदर सिंह बाजवा ने संपर्क करने पर कहा ,‘‘ उच्च न्यायालय का फैसला देख लीजिये । आपको पता चल जायेगा कि ऐसा क्यो किया गया है ।’’
भाषा मोना पंत
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