कोलकाता, नौ अगस्त (भाषा) भारत की कंपाउंड तीरंदाजी टीम के मुख्य कोच सर्जियो पगनी ने बुधवार को कहा कि शरीर के ऊपरी हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए रस्सी से जुड़ी कसरत, दमखम मजबूत करने के लिए किए गए अभ्यास और तनाव प्रबंधन के प्रशिक्षण के दम पर ही भारतीय तीरंदाज हाल में विश्व चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहे।
पगनी इटली के रहने वाले हैं और उन्होंने दो बार विश्व कप फाइनल जीता है। उन्हें पिछले साल दिसंबर में भारतीय कंपाउंड तीरंदाजी टीम का मुख्य कोच नियुक्त किया गया था।
पगनी ने पीटीआई से कहा,‘‘ तीरंदाजी सिखाने का मेरा तरीका दूसरों की तुलना में थोड़ा जटिल है। मैं उन्हें तीन चरणों में अभ्यास कराता हूं जिनमें शारीरिक यानी काफी अधिक कसरत, तकनीकी और दबाव झेलने के लिए मानसिक मजबूती के सत्र शामिल हैं।’’
उन्होंने कहा,‘‘ उच्च स्तर पर लगातार मैच खेलना तथा हार या जीत से खिलाड़ी मानसिक रूप से थक जाता है। भले आप शानदार खिलाड़ी हों लेकिन फाइनल में खेलने पर आप भावनात्मक रूप से तनाव में आ सकते हैं।’’
भारतीय खिलाड़ियों ने इस बार ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। ज्योति सुरेखा वेन्नम, अदिति स्वामी और परनीत कौर की महिला टीम ने चार अगस्त को देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता। व्यक्तिगत तीरंदाजी में 17 वर्षीय अदिति महिला वर्ग जबकि ओजस देवताले पुरुष वर्ग के चैंपियन बने।
पगनी ने कहा कि कुछ भारतीय तीरंदाज राष्ट्रीय शिविर में आने से पहले कभी जिम नहीं गए थे। ऐसे में पगनी और उनके निजी ट्रेनर ने मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए खिलाड़ियों को कुछ व्यायाम सिखाए जिनमें भारतीय खेल प्राधिकरण के सोनीपत केंद्र में रस्सी से जुड़े अभ्यास भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा,‘‘ पिछले 10 वर्षों में मैंने और मेरे निजी ट्रेनर ने शारीरिक मजबूती पर ध्यान दिया। इनमें रस्सी से जुड़े अभ्यास और दमखम मजबूत करने वाले प्रशिक्षण शामिल है।’’
पगनी ने कहा,‘‘ खेल की परिस्थितियों को देखते हुए दमखम मजबूत करना बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए मैंने अपने कुछ अभ्यास इसमें जोड़े जिसका फायदा मिला। जूनियर खिलाड़ियों ने कभी जिम में उचित तरीके से समय नहीं बिताया था। हमने केवल अपनी मूल कसरतों में बदलाव किए तथा मांसपेशियों को मजबूत करने पर अधिक ध्यान दिया।’’
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पंत सुधीर
सुधीर
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