scorecardresearch
Saturday, 17 January, 2026
होमखेलभारत की निगाह घरेलू धरती पर वनडे रिकॉर्ड बरकरार रखने पर, इतिहास रचने उतरेगा न्यूजीलैंड

भारत की निगाह घरेलू धरती पर वनडे रिकॉर्ड बरकरार रखने पर, इतिहास रचने उतरेगा न्यूजीलैंड

Text Size:

(अमनप्रीत सिंह)

इंदौर, 17 जनवरी (भाषा) अब तक घरेलू धरती पर वनडे में शानदार रिकार्ड रखने वाले भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला जीतने के लिए रविवार को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा।

न्यूजीलैंड की टीम की निगाह भी श्रृंखला जीतकर इतिहास रचने पर होगी। तीन मैचों की श्रृंखला अभी 1-1 से बराबर है।

मार्च 2019 के बाद से भारत ने अपने घरेलू मैदान पर कोई द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं हारी है। तब ऑस्ट्रेलिया ने 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए श्रृंखला 3-2 से जीती थी लेकिन अब यह रिकॉर्ड दांव पर लगा है।

न्यूजीलैंड के लिए भी यह मैच काफी महत्वपूर्ण है। उसकी टीम ने 1989 से द्विपक्षीय वनडे मैचों के लिए भारत का दौरा किया है, लेकिन यहां कभी भी श्रृंखला नहीं जीती है। इस इंतजार को खत्म करने का यह उसके पास संभवत: सबसे अच्छा अवसर है।

भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर नहीं चाहेंगे कि उनके नेतृत्व में घरेलू मैदान पर टीम को एक और श्रृंखला में हार का सामना करना पड़े। विशेषकर तब जबकि उन्होंने कई अनचाहे रिकॉर्ड बनाए हैं। गंभीर के कोच रहते हुए भारत ने घरेलू मैदान पर पांच टेस्ट मैच हारे हैं और पहली बार श्रीलंका में वनडे श्रृंखला गंवाई।

राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे में भारत की हार किसी एक असाधारण पारी के कारण नहीं बल्कि न्यूजीलैंड का बीच के ओवरों में शानदार नियंत्रण बनाए रखने के कारण हुई।

डैरिल मिचेल का नाबाद शतक सुनियोजित आक्रामकता पर आधारित था। उन्होंने विशेषकर भारत के स्पिनरों को निशाना बनाया। यह एक ऐसा विभाग है जिसमें भारत हाल के दिनों में संघर्ष करता नजर आ रहा है।

इंदौर के होलकर स्टेडियम की छोटी बाउंड्री और गेंदबाजों को विकेट से बहुत कम मदद मिलने के कारण गलती की गुंजाइश और भी कम हो जाती है।

स्पिन गेंदबाजी का सामना करने की भारत की क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। टीम की बल्लेबाजी में गहराई और मजबूती होने के बावजूद उसके बल्लेबाज बीच के ओवरों में स्पिनरों के सामने असहज दिख रहे हैं। बल्लेबाज महत्वपूर्ण मौकों पर स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पा रहे हैं। अब बड़े स्कोर वाले मैदान पर बीच के ओवर निर्णायक साबित हो सकते हैं।

इस श्रृंखला में अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले रोहित शर्मा पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी। शीर्ष क्रम पर उनका बेहद आक्रामक रवैया हालिया वनडे मैचों में भारत की रणनीति का अहम हिस्सा रहा है, लेकिन बार-बार जल्दी आउट होने से उन पर थोड़ा दबाव बढ़ गया है।

दूसरी ओर विराट कोहली भारत की वनडे बल्लेबाजी का मुख्य आधार बने हुए हैं। इन दोनों खिलाड़ियों के लिए 50 ओवर का अगला टूर्नामेंट संभवतः जुलाई में इंग्लैंड दौरे के दौरान होगा और ऐसे में प्रशंसक एक बार फिर कोहली और रोहित से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे।

यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मैच में भारतीय टीम प्रबंधन नीतीश कुमार रेड्डी और आयुष बडोनी में से किस को अंतिम एकादश में रखता है।

ऑलराउंडर रेड्डी तेज गेंदबाजी करते हैं लेकिन गेंदबाजी में उनका इस्तेमाल कम ही किया जाता है। बडोनी मध्यक्रम के अच्छे बल्लेबाज और ऑफ स्पिन गेंदबाज हैं और यहां की परिस्थितियां उनके लिए अनुकूल हो सकती हैं।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को टीम में शामिल करने से भारतीय आक्रमण को मजबूती मिल सकती है। यहां के मैदान पर सफलता अक्सर तेज गति के बजाय विविधताओं पर निर्भर करती है।

अर्शदीप की नई गेंद को स्विंग कराने, विकेट को निशाना बनाकर गेंदबाजी करने और डेथ ओवरों में यॉर्कर डालने की क्षमता भारत को रणनीतिक बढ़त दिलाएगी। उनके टीम में शामिल होने से स्पिनरों पर बोझ भी कम होगा।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह टीम में किसकी जगह लेंगे। मोहम्मद सिराज की नई गेंद से गेंदबाजी करने की क्षमता को देखते हुए उन्हें टीम से बाहर रखना मुश्किल है। परिस्थितियों और बल्लेबाजी की गहराई को ध्यान में रखते हुए उन्हें किसी स्पिनर या तेज गेंदबाजी करने वाले ऑलराउंडर की जगह टीम में लिया जा सकता है।

केएल राहुल की भूमिका एक ऐसा पहलू है जहां पहले से ही स्पष्टता नजर आती है। नंबर पांच पर उनके अच्छे प्रदर्शन से इस बात का पता चलता है कि उन्हें इसी नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारना सही होगा। वह इस नंबर पर दबाव में भी सूत्रधार की अच्छी भूमिका निभा सकते हैं।

न्यूजीलैंड की टीम में भरपूर आत्मविश्वास और स्पष्टता है। डेवोन कॉनवे और मिचेल जैसे धाकड़ बल्लेबाजों से पार पाना भारतीय गेंदबाजों के लिए आसान नहीं होगा।

उसके गेंदबाजों में भले ही कोई बड़े नाम न हों, लेकिन उन्होंने ऐसी परिस्थितियों में भी विविधता और सटीक लेंथ का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया है जहां विकेट से ज्यादा मदद नहीं मिलती।

होलकर स्टेडियम के छोटे मैदान पर कौशल के साथ-साथ फैसला लेने की क्षमता भी काफी महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में दोनों टीम के कप्तानों की रणनीति पर भी सभी की निगाह टिकी रहेगी।

टीम इस प्रकार हैं:

भारत: शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, रोहित शर्मा, केएल राहुल (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, नितीश कुमार रेड्डी, आयुष बडोनी, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा।

न्यूजीलैंड: माइकल ब्रैसवेल (कप्तान), डेवोन कॉनवे (विकेटकीपर), मिशेल हे (विकेटकीपर), निक केली, हेनरी निकोल्स, विल यंग, ​​जोश क्लार्कसन, जैक फाउल्क्स, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, आदित्य अशोक, क्रिस्टियन क्लार्क, काइल जैमीसन, जेडन लेनोक्स, माइकल रे।

मैच दोपहर 1:30 बजे भारतीय समयानुसार शुरू होगा।

भाषा

पंत

पंत

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments