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Sunday, 8 February, 2026
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भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार को लेकर पीसीबी से बातचीत के लिए आईसीसी के उपाध्यक्ष लाहौर पहुंचे

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कराची, आठ फरवरी (भाषा) अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मुकाबले के पाकिस्तान के प्रस्तावित बहिष्कार पर जारी गतिरोध को सुलझाने की कोशिशों के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अधिकारियों से मिलने के लिए लाहौर पहुंच गए ।

आईसीसी में सिंगापुर का प्रतिनिधित्व करने वाले ख्वाजा वैश्विक संचालन संस्था में एक प्रभावशाली व्यक्ति हैं और एसोसिएट सदस्य निदेशक के तौर पर बोर्ड में उनके पास मतदान का अधिकार है।

पीसीबी के करीबी एक सूत्र ने पुष्टि की है कि ख्वाजा को आईसीसी बोर्ड ने इस विवादास्पद विषय पर मध्यस्थ के रूप में नामित किया है।

सूत्र ने कहा, ‘‘वह (ख्वाजा) पिछले कुछ समय से मोहसिन नकवी से बातचीत कर रहे हैं और वह आज लाहौर पहुंच रहे हैं जिससे कि आज शाम वर्चुअल बैठक से पहले पीसीबी प्रमुख और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम से बात कर सकें।’’

अमीनुल पहले से ही लाहौर में हैं और रविवार को नकवी से मिल चुके हैं। उम्मीद है कि अमीनुल उन चर्चाओं का हिस्सा होंगे जिनका मकसद पाकिस्तान को 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ नहीं खेलने के अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए मनाना है।

दोनों अधिकारी ख्वाजा और अमीनुल का हवाई अड्डे पर पीसीबी अधिकारियों ने स्वागत किया जो उन्हें गद्दाफी स्टेडियम ले गए जहां उन्हें बोर्ड प्रमुख मोहसिन नकवी से मुलाकात करनी है ।

पीसीबी के एक सूत्र ने बताया कि ख्वाजा और अमीनुल दोनों नकवी से बात करके बाद में आईसीसी संचालन बोर्ड के कुछ सदस्यों से वर्चुअल बात करेंगे ।

सूत्र ने कहा कि आईसीसी अपनी ओर से पूरी कोशिश कर रही है कि पीसीबी अपनी टीम को 15 फरवरी का मैच खेलने की अनुमति सरकार से दिलाये ।

नकवी ने भारत मैच के बहिष्कार के सरकार के निर्देशों पर ज्यादा टिप्पणी नहीं की है लेकिन एक विश्वसनीय सूत्र ने बताया कि श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) द्वारा पीसीबी को एक ईमेल भेजने के बाद स्थिति बदल गई है। इस ईमेल में उनसे बहिष्कार खत्म करने का आग्रह किया गया है।

आईसीसी के सीईओ संजोग गुप्ता भी एसएलसी अध्यक्ष शम्मी सिल्वा से मिलने कोलंबो गए हैं जिन्होंने नकवी को विश्व कप में भारत के खिलाफ मैच खेलने के लिए ईमेल भेजा था।

आईसीसी पहले ही पाकिस्तान से स्पष्टीकरण मांग चुका है कि ‘फोर्स मेज्योर’ (अपरिहार्य कारणों से अनुबंध की शर्तें पूरी नहीं कर पाना) नियम का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। पाकिस्तान इस नियम के जरिए टीम के भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच खेलने से इनकार को सही ठहराना चाहता था क्योंकि पीसीबी ने अपनी सरकार पर जिम्मेदारी डालकर स्थिति से बचने की कोशिश की थी।

लेकिन अब उम्मीद की एक किरण दिख रही है क्योंकि पीसीबी ने आईसीसी से बातचीत के लिए संपर्क किया है। आईसीसी के एक निदेशक ने यह जानकारी दी जिन्हें लगता है कि यह बड़ा मुकाबला आखिरकार होगा।

आईसीसी वर्तमान में बोर्ड के साथ एक व्यवस्थित तरीके से संभावित समाधान खोजने के लिए बातचीत कर रहा है, इस विचार के साथ कि खेल का हित एकतरफा कार्रवाई से ऊपर होना चाहिए।

एसएलसी ने सभी हितधारकों के लिए भारी वित्तीय नुकसान का हवाला देते हुए पीसीबी को अपने फैसले पर फिर से विचार करने की चेतावनी दी है।

पाकिस्तान ने बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया था। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए विश्व कप मुकाबलों के लिए भारत जाने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उनकी जगह स्कॉटलैंड को प्रतियोगिता में शामिल किया गया।

बांग्लादेश के हटने की मुख्य वजह भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के निर्देशों पर उनके तेज गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स टीम से रिलीज करना था।

भाषा सुधीर मोना मोना नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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