… देवार्चित वर्मा …
मुंबई, 24 जून (भाषा) वेस्टइंडीज दौरे पर दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के लिए भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले बायें हाथ के बल्लेबाज यशस्वी जयसवाल ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय टीम में चयन की संभावना को लेकर उन्हें घबराहट और रोमांच दोनों का अहसास था। जायसवाल ने पीटीआई-भाषा को दिये विशेष साक्षात्कार में कहा कि टेस्ट टीम में उनका नाम देखकर उनके पिता भावुक हो गये थे। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरे पिता इस खबर को सुनकर रोने लगे थे।’’ उत्तर प्रदेश के भदोही से मुंबई आकर आजाद मैदान में एक तंबू में शुरुआती समय बिताने वाले जायसवाल ने कोच ज्वाला सिंह के मार्गदर्शन में अपने खेल में सुधार किया। उनकी प्रतिभा को देखने वालों को यह पता था कि वह भारतीय टीम में जगह बनायेंगे। बस संदेह इस बात पर था कि वह टीम में कब शामिल होंगे लेकिन शुक्रवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने जब टीम की घोषणा की तो इसका जवाब भी मिल गया। पिछले कुछ वर्षों से घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले इस खिलाड़ी ने इस साल इंडियन प्रीमियर लीग में भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने कहा कि वह एक-दो दिन में वेस्टइंडीज दौरे की तैयारियों के लिए राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) जायेंगे। जायसवाल विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के दौरान भारतीय टीम के रिजर्व खिलाड़ियों में शामिल थे। उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे अच्छा महसूस हो रहा है और इसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं उत्साहित हूं लेकिन मैं अपने तरीके से खेलना चाहता हूं।’’ राजस्थान रॉयल्स के कोच कुमार संगकारा, इस टीम के उनके साथी ट्रेंट बोल्ट और जो रूट ऐसे दिग्गजों के अलावा भारतीय कप्तान रोहित शर्मा राष्ट्रीय टीम में जायसवाल की दावेदारी का समर्थन कर चुके है। जायसवाल ने कहा कि टीम की घोषणा से पहले वह घबराये हुए थे। उन्होंने कहा, ‘‘ मैं थोड़ा घबराया हुआ था, जब तक आपको पता नहीं चलता कि टीम में आपका नाम है तब तक थोड़ी बेचैनी सी होती है। लेकिन यह अच्छा अहसास है।’’ जायसवाल ने कहा कि दौरे की तैयारियों के तहत उन्होंने रोहित, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के बातचीत की है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरी तैयारी अच्छी है और मैंने कई सीनियर खिलाड़ियों से बात की है। सब के साथ बातचीत में यही बात सामने आयी कि चीजों को सरल रखा जाये। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है लेकिन जब आप मैदान में होते है चीजें आपको ही करनी होती है।’’ बल्लेबाजी में पसंदीदा क्रम के बारे में पूछे जाने जायसवाल ने कहा, ‘‘ इस बारे में मैं अभी कुछ नहीं बता सकता। हम जब वेस्टइंडीज दौरे पर जाएंगे तभी इसके बारे में पता चलेगा। यह मैच की परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है।’’ बाएं हाथ के बल्लेबाज ने कहा कि भारतीय कोच राहुल द्रविड़ ने उन्हें मैच में उन्हीं चीजों पर ध्यान देने के लिए कहा है जो उनके लिए कारगर हो। जायसवाल ने कहा, ‘‘यह सिर्फ सही चीजों पर अपना ध्यान केंद्रित रखने और जो मैं इतने समय से कर रहा हूं उसे करते रहने के बारे में है। मुझे चीजों को सरल रखना है और अनुशासन बनाए रखना है।’’ जायसवाल के कोच ज्वाला सिंह भी बहुत उत्साहित है। कोच ने कहा, ‘‘मैंने 2013 में उसे भारतीय टीम का खिलाड़ी बनाने का सपना देखा था और आजाद मैदान से उसे चुना था। मुझे वास्तव में खुद पर गर्व है कि मैंने 10 साल पहले जो शुरू किया था, यह आज फलीभूत हुआ। ’’ भाषा आनन्द नमितानमिता
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