नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) पीवी सिंधू और लक्ष्य सेन सहित भारत के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी मंगलवार से यहां शुरू होने वाले 950,000 डॉलर इनामी इंडिया ओपन सुपर 750 में घरेलू दर्शकों के सामने बेहतर प्रदर्शन करके अपने हालिया फॉर्म को परिणामों में बदलने की कोशिश करेंगे।
भारतीय खिलाड़ियों का हालांकि अपने घरेलू कोर्ट पर प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है तथा पिछले 15 वर्षों में उनमें से केवल कुछ खिलाड़ियों ने ही खिताब जीता है।
ड्रॉ में एक बार फिर घरेलू खिलाड़ियों के लिए शुरुआती चुनौतियां होंगी, जिसमें लक्ष्य सेन और आयुष शेट्टी के बीच पुरुषों के एकल वर्ग का भारतीय मुकाबला शामिल भी है। सिंधू का पहला मैच वियतनाम की गुयेन थुई लिन्ह से होगा।
सिंधू 2017 में यहां चैंपियन रही हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह मलेशिया ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी जहां वह चीन की वांग झियी से हार गईं थी। इंदिरा गांधी इनडोर स्टेडियम में होने वाले इंडिया ओपन में ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली यह भारतीय खिलाड़ी अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
इंडिया ओपन 2022 के चैंपियन सेन ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन सुपर 500 जीतकर पिछले सत्र का समापन किया था लेकिन मलेशिया ओपन में वह जल्दी बाहर हो गए थे।
दूसरी ओर आयुष ने 2025 में अमेरिकी ओपन सुपर 300 जीतकर अपनी पहचान बनाई और कोदाई नाराओका, लोह कीन यू, चाउ टिएन चेन और ब्रायन यांग जैसे खिलाड़ियों को हराया। मलेशिया ओपन के पहले दौर में उन्होंने ली ज़ी जिया को हराकर बड़ा उलटफेर किया था।
कुआलालंपुर में सेन हांगकांग के ली चेउक यिउ से हार गए थे, जो अब इंडिया ओपन के पहले दौर में एचएस प्रणय का सामना करेंगे। किदाम्बी श्रीकांत का मुकाबला चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा।
महिला एकल में सिंधू के अलावा भारतीय चुनौती मालविका बंसोड पर भी निर्भर रहेगी जिनका सामना चीनी ताइपे की पाई यू पो से होगा। कई अन्य युवा भारतीय खिलाड़ी भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगे।
भारत की पोडियम पर पहुंचने की सबसे अच्छी उम्मीदें एक बार फिर सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी पर टिकी रहेंगी। यह जोड़ी इस टूर्नामेंट में दो बार फाइनल में पहुंची है और उसने 2022 में खिताब जीता था। भारतीय जोड़ी मलेशिया ओपन के क्वार्टर फाइनल में हार गई थी और वह यहां उसकी भरपाई करने की कोशिश करेंगे।
महिला युगल में त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का मुकाबला थाईलैंड की ओर्निचा जोंगसाथापोर्नपर्न और सुकिता सुवाचाई से होगा।
यह टूर्नामेंट भारत की अगली पीढ़ी की युगल जोड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करेगा।
प्रिया कोन्जेंगबम और श्रुति मिश्रा का सामना हांगकांग की लुई लोक लोक और त्सांग हियु यान से जबकि रुतापर्णा पांडा और स्वेतापर्णा पांडा का सामना जापान की नानको हारा और रिको कियोसे से होगा।
महिला युगल के एक अन्य मुकाबले में कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी का सामना मलेशिया की दूसरी वरीयता प्राप्त पर्ली टैन और थिनाह मुरलीधरन से होगा।
मिश्रित युगल में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रैस्टो का सामना थाईलैंड के पक्कापोन तीररात्साकुल और सपसिरी तारतनचाई से, जबकि रोहन कपूर और रुथविका शिवानी गद्दे का जर्मनी के मार्विन सीडेल और थुक फुओंग गुयेन से होगा।
ध्रुव रावत और मनीषा की एक अन्य भारतीय जोड़ी जापान के हिरोकी मिदोरिकावा और नामी मात्सुयामा से भिड़ेंगी। आशिथ सूर्या और अमृता प्रमुथेश जापान के युइची शिमोगामी और सयाका होबारा का सामना करेंगे।
भारतीय खिलाड़ियों में साइना नेहवाल, सिंधू, श्रीकांत, सात्विक, चिराग और लक्ष्य ही पिछले 15 वर्षों में यहां खिताब जीत पाए हैं।
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