scorecardresearch
Thursday, 26 February, 2026
होमखेलइस तरह की स्पिन गेंद का अंदाजा नहीं था: बेदी के परिवार ने लिखा

इस तरह की स्पिन गेंद का अंदाजा नहीं था: बेदी के परिवार ने लिखा

Text Size:

नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (भाषा) भारत के पूर्व कप्तान और सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में शुमार बिशन सिंह बेदी को उनके परिवार ने एक निडर और पूर्ण जीवन जीने वाली शख्सियत करार दिया।

भारत की तरफ से 67 टेस्ट मैचों में 266 विकेट लेने वाले बेदी का सोमवार को नयी दिल्ली में निधन हो गया। वह भागवत चंद्रशेखर, ईरापल्ली प्रसन्ना और एस वेंकटराघवन के साथ स्पिन चौकड़ी के सदस्य थे।

बेदी के निधन के बाद उनके बेटे अंगद और बहू नेहा धूपिया ने सोशल मीडिया के जरिये परिवार की भावनाओं को जाहिर करते हुए लिखा ‘‘ यह पापा की उस स्पिन गेंद की तरह था जिसका हम अंदाजा नहीं लगा सके। ’’

परिवार ने देश के इस महान वामहस्त स्पिनर के बारे में लिखा , ‘‘ पापा का मिजाज ऐसा नहीं था कि वह हमें इस तरह की बेहतरीन गेंद से आउट करें। हम कभी इसका अंदाजा नहीं लगा सके।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके जीवन का हर दिन अपने परिवार और आस्था के प्रति समर्पण के साथ, वाहेगुरु की सेवा में व्यतीत होता था। उन्होंने ‘निर्भऔ-निर्वैर (ना किसी का भय, ना किसी से नफरत)’ को जीवन जीने का आधार बनाया और हमें भरोसा है कि वह जहां भी हैं , उनके अपने उनके साथ हैं।’’

उन्होंने कहा,‘‘ पापा, हम आपको अपने निर्भीक नेतृत्वकर्ता के रूप में पाकर धन्य हो गए। हम आपके आदर्श वाक्य ‘चीजों को समझ कर आत्मसात करना’ के अनुसार जीने का प्रयास करेंगे। इस जहां से परे आप हमारा मार्गदर्शन करते रहें।’’

परिवार ने बेदी को एक ‘निडर नेता’ के साथ ऐसा व्यक्ति बताया जिसने अपने जीवन से कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है।

भारत के पूर्व कप्तान बेदी ने 1967 से 1979 के बीच 67 टेस्ट खेले और 266 विकेट लिए। उनका लंबी बीमारी के बाद सोमवार को घर पर निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे और उनके परिवार में पत्नी अंजू, बेटा अंगद और बेटी नेहा हैं।

परिवार से जारी बयान में अंजू, अंगद, नेहा और अन्य के साथ बेदी की बहू नेहा धूपिया का नाम है।

परिवार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘ हम सदमे में हैं और इस शोक से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। हमें इस बात से सांत्वना मिलती है कि आपने अपना जीवन निर्भय हो कर जिया और कई लोगों को प्रेरित किया। सार्वजनिक और निजी तौर पर आपके लिए मिले प्यार भरे संदेशों ने हमें ढांढस बंधाया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ उनके धैर्य, हास्य और दिलेरी का जश्न मनाने के लिए सभी को धन्यवाद। यह देखकर खुशी होती है कि पापा ने अपने जीवन से कितनी पीढ़ियों को प्रेरित किया। उनके व्यक्तित्व का जश्न मनाने के लिए आप सभी को धन्यवाद।’’

भाषा आनन्द मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments