अम्मान (जोर्डन), 29 मार्च (भाषा) भारत के पुरुष फ्रीस्टाइल पहलवानों को शनिवार को एशियाई चैंपियनशिप में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा जब सभी पांच पहलवान हार के साथ बाहर हो गए।
सुजीत ने 65 किग्रा वर्ग में शानदार शुरुआत करते हुए फलस्तीन के अब्दुल्ला असफ को तकनीकी दक्षता से हराया लेकिन वह जापान के काइसेई तनाबे के डिफेंस को नहीं भेद सके।
सुजीत को रेपेचेज के जरिए कांस्य पदक के लिए दावा पेश करने का मौका मिला था क्योंकि तनाबे खिताबी मुकाबले में पहुंचे थे लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने चोट के कारण चुनौती पेश नहीं की।
इसी तरह विशाल कालीरमन का भाग्य उन्हें हराने वाले मंगोलिया के प्रतिद्वंद्वी तुलगा तुमुर ओचिर के हाथों में था। विशाल अपना पहला मुकाबला 2022 एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता के खिलाफ 0-8 से हार गए थे।
ओचिर का सामना 65 किग्रा के सेमीफाइनल में ताजिकिस्तान के विक्टर रसादिन के खिलाफ था जिनसे वह हार गए जिससे विशाल भी प्रतियोगिता से बाहर हो गए।
ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत की अनुपस्थिति में 57 किग्रा में प्रतिस्पर्धा करते हुए चिराग एक भी अंक हासिल नहीं कर सके और अल्माज स्मानबेकोव के खिलाफ उन्हें तकनीकी दक्षता के आधार पर हार का सामना करना पड़ा।
किर्गिस्तान का पहलवान इसके बाद क्वार्टर फाइनल में हार गया जिससे चिराग का भी प्रतियोगिता में सफर खत्म हो गया।
चंद्रमोहन 79 किग्रा वर्ग में ताजिकिस्तान के मैगोमेट एवलोव के खिलाफ हार गए जिन्हें बार में सेमीफाइनल में हार का सामना करना
भारतीय ग्रीको रोमन पहलवानों ने दो पदक जीते जबकि 10 महिला पहलवानों में से छह ने पदक जीते जिसमें मनीषा भानवाला का 62 किग्रा में स्वर्ण और रीतिका हुड्डा का 76 किग्रा में रजत शामिल है।
रविवार को प्रतियोगिता का अंतिम दिन है और शेष पांच पुरुष फ्रीस्टाइल पहलवान यह सुनिश्चित करना चाहेंगे कि भारत का सफर इस वर्ग में पदक के बिना समाप्त नहीं हो।
भारत की उम्मीदें 2019 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता दीपक पूनिया पर टिकी हैं जो 92 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
भाषा सुधीर
सुधीर
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.