कराची, आठ मार्च (भाषा) बारिश के कारण चैम्पियंस ट्रॉफी के तीन मैच रद्द होने, टीम के बाहर होने के बाद स्थानीय दर्शकों की दिलचस्पी खत्म होने, स्टेडियम तैयार करने पर पानी की तरह पैसा बहाने, हाइब्रिड मॉडल, सुरक्षा के कड़े उपायों के बावजूद पाकिस्तान में विशेषज्ञों का मानना है कि चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन सफल रहा और भविष्य में यहां और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट हो सकेंगे ।
सुरक्षा कारणों से भारत के पाकिस्तान में खेलने से इनकार के कारण चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन हाइब्रिड मॉडल पर हुआ जिसमें भारत ने सारे मैच दुबई में खेले । पाकिस्तान की टीम नॉकआउट चरण में भी नहीं पहुंच सकी ।
क्रिकेट विश्लेषक ओमेर अलावी ने कहा ,‘‘ लाहौर में सेमीफाइनल से एक दिन पहले बन्नू में आतंकी हमले की घटना हुई जिसे देखते हुए हमें शुक्र मनाना चाहिये कि इतने बड़े टूर्नामेंट में एक भी अप्रिय घटना नहीं हुई । ’
पाकिस्तान ने कराची, लाहौर और रावलपिंडी में 16000 के करीब पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात कर रखे थे । आस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ, दक्षिण अफ्रीका के तेम्बा बावुमा और न्यूजीलैंड के मिचेल सेंटनेर बोल ही चुके हैं कि पाकिस्तान में कड़े सुरक्षा उपायों के बाद दुबई में खेलकर वह कितनी राहत महसूस कर रहे थे ।
आईसीसी के सुरक्षा मैनेजर डेव मस्कर ने हालांकि टूर्नामेंट को सफल बताया ।
उन्होंने कहा ,‘‘ सुरक्षाकर्मियों का समन्वय और पेशेवरपन बहुत अच्छा था । मैं कहूंगा कि यह सफल आयोजन था ।’’
सुरक्षा विश्लेषक सोहेल खान ने कहा ,‘‘ पाकिस्तान ने अच्छी मेजबानी की और एक भी अप्रिय घटना नहीं घटी । सभी की नजरें हमारे सुरक्षाकर्मियों पर थीं जिन्होंने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया ।’’
भाषा मोना नमिता
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