बेंगलुरु, सात फरवरी (भाषा) विश्व के 88वें नंबर के खिलाड़ी जेस्पर डी जोंग को हराकर डेविस कप क्वालीफायर मुकाबले में शनिवार को यहां भारत की वापसी कराने वाले युवा खिलाड़ी दक्षिणेश्वर सुरेश की तारीफ करते हुए भारतीय कप्तान रोहित राजपाल ने उन्हें अपना ‘तुरुप का पत्ता’ करार दिया।
सुमित नागल के हार के बाद दक्षिणेश्वर की जीत से भारत शुरुआती दिन का स्कोर 1-1 से बराबर करने में सफल रहा।
राजपाल ने कहा, “वह मेरे लिए हमेशा तुरुप के पत्ते (अहम मौके पर अच्छा प्रदर्शन करने वाला) की तरह है। जब भी मुझे उसकी जरूरत होती है, मैं उसे मैदान में उतारता हूं और वह प्रदर्शन करके दिखाता है।’’
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि वह भारतीय टेनिस की अगली बड़ी उम्मीद है। मैंने जब उसे पहली बार देखा था, तभी कह दिया था कि कुछ चीजें सही हो जाएं तो यह खिलाड़ी सिर्फ शीर्ष 100 ही नहीं बल्कि शीर्ष 50 या दुनिया के शीर्ष 20 खिलाड़ियों में भी पहुंच सकता है।’’
डेविस कप में रैंकिंग के अंतर को एक बार फिर नजरअंदाज करते हुए दक्षिणेश्वर ने कहा कि वह मैच की अहमियत के बावजूद बिना किसी दबाव के कोर्ट पर उतरे।
उन्होंने कहा, “भारत के लिए खेलना सम्मान की बात है। मैं बस कोर्ट पर जाकर अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहता था और इस पल का लुत्फ उठाना चाहता था। मुझ पर न तो जीतने का दबाव था न ही हार का डर था। आखिर में मुझे खुशी है कि मैं अपने तरीके से खेला।”
युवा खिलाड़ी ने कहा कि भारतीय टीम के समर्थन ने उन्हें कड़े मुकाबले के दौरान संयम बनाये रखने में मदद की।
उन्होंने कहा, “दर्शक शानदार थे और पूरी टीम मेरे साथ खड़ी थी। कप्तान हर समय मेरा हौसला बढ़ाते रहे, चाहे मैं अंक हासिल करूं या नहीं। ऐसे मैचों में यह समर्थन बहुत फर्क डालता है।”
उन्होंने अपने शांत और संयमित रवैये के बारे में पूछे जाने पर कहा कि भावनाओं पर नियंत्रण रखना उनके खेल का अहम हिस्सा है।
भाषा आनन्द नमिता
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