नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट संघ (सीएबीआई) ने संगठन को नैतिक समर्थन देने के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की सराहना करते हुए कहा कि देश में खेल के स्तर को सुधारने के लिए उसे वित्तीय मदद की जरूरत है।
सीएबीआई ने सोमवार को घोषणा की कि वह 19 अगस्त को बर्मिंघम में शुरू होने वाले आईबीएसए (अंतरराष्ट्रीय दृष्टिबाधित खेल महासंघ) विश्व खेलों के लिए अपनी पुरुष और महिला टीमें भेजेगा।
हर चार साल में होने वाले आईबीएसए विश्व खेलों में क्रिकेट को पहली बार शामिल किया गया है। सीएबीआई को उम्मीद है कि वैश्विक आयोजन में उसकी टीमों की सफलता से देश में दृष्टिबाधित क्रिकेट को नयी ऊंचाई मिलेगी।
सीएबीआई के अध्यक्ष जीके महंतेश ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ बीसीसीआई ने हमसे डीसीसीआई (डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया) का गठन करने के लिए कहा था, जो हमने किया। हमें हालांकि बीसीसीआई से वित्तीय सहायता नहीं मिल रही है। हमें उनका नैतिक समर्थन प्राप्त है और वे हमारे मैचों के लिए स्थानों की व्यवस्था करके हमारी सहायता करते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी क्रिकेट टीमों ने टी20 विश्व कप को तीन और एकदिवसीय विश्व कप को दो बार जीते है। हमें 2022 टी20 दृष्टिबाधित विश्व कप के बाद खेल मंत्री से भी मदद का भरोसा मिला था लेकिन इस मामले में अब तक कुछ नहीं हुआ।’’
आईबीएसए विश्व खेलों में अजय कुमार रेड्डे पुरुष जबकि वर्षा महिला भारतीय टीम का नेतृत्व करेगी।
भाषा आनन्द पंत
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