नयी दिल्ली, 15 जनवरी (भाषा) दो बार के ओलंपिक पदक विजेता भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने अपने चुने हुए स्थल दक्षिण अफ्रीका के पोटचेफस्ट्रूम में सत्र पूर्व ट्रेनिंग शुरू कर दी है। खेल मंत्रालय के मिशन ओलंपिक सेल (एमओसी) ने नए कोच जय चौधरी के साथ उनके 32 दिवसीय शिविर को मंजूरी दे दी है।
नीरज ने पिछले हफ्ते चेक गणराज्य के दिग्गज जान जेलेजनी से कोच के तौर पर अलग होने का फैसला किया और चौधरी के साथ जुड़ने का फैसला किया जो उनके शुरुआती कोच थे और इस सुपरस्टार के गृहनगर पानीपत में भाला फेंक के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देते हैं।
भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि यह 28 वर्षीय खिलाड़ी पांच फरवरी तक पोटचेफस्ट्रूम में रहेगा जो दुनिया भर के भाला फेंक के खिलाड़ियों के लिए एक प्रमुख ट्रेनिंग स्थल है और उनके लिए कुल स्वीकृत सहायता राशि 11 लाख 80 हजार रुपये है।
टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना (टॉप्स) में शामिल एलीट खिलाड़ियों को वित्तीय और साजो-सामान से जुड़ी सहायता पर फैसला करने वाला एमओसी ने बुधवार को यहां बैठक की थी।
ट्रेनिंग शिविर में नीरज की सहयोगी टीम में लंबे समय से उनके फिजियोथेरेपिस्ट इशान मारवाहा भी शामिल हैं।
सूत्र ने कहा, ‘‘इस ट्रेनिंग शिविर का लक्ष्य इस साल होने वाली प्रमुख प्रतियोगिताओं जिसमें एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल शामिल हैं, से पहले उनकी शारीरिक अनुकूलनता, ताकत और तकनीकी निरंतरता को बेहतर बनाना है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार वित्तीय सहायता में उनके ट्रेनिंग शिविर का खर्च, जिम और ट्रेनिंग मैदान तक पहुंच, हवाई अड्डे से आना-जाना और जेब खर्च शामिल होगा।’’
हरियाणा के इस खिलाड़ी को पिछले साल एडक्टर मांसपेशी में खिंचाव की समस्या थी लेकिन इसके बावजूद वह दोहा डाइमंड लीग में 90 मीटर का आंकड़ा पार करने में कामयाब रहे थे।
हालांकि उनके लिए एक बड़ी निराशा पिछले साल सितंबर में तोक्यो विश्व चैंपियनशिप में आठवें स्थान पर रहना था जिसके बाद उन्होंने अपनी फिटनेस समस्याओं को ठीक करने के लिए ब्रेक लेने का फैसला किया।
वह तोक्यो में गत चैंपियन थे लेकिन पूरे मुकाबले के दौरान साफ तौर पर असहज दिखे। उम्मीद है कि नीरज मई में दोहा डाइमंड लीग में अपने 2026 सत्र की शुरुआत करेंगे।
एमओसी की 167वीं बैठक में विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों के प्रस्तावों के लिए कुल एक करोड़ 40 लाख रुपये मंजूर किए गए।
सूत्र ने बताया, ‘‘इसमें दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में सचिन यादव के लिए विशेष भाला फेंक उपकरण का आग्रह भी शामिल है।’’
यादव पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में चौथे स्थान पर रहकर सुर्खियों में आए थे। उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में पदार्पण करते हुए नीरज से बेहतर प्रदर्शन किया था।
एमओसी की अगली बैठक फरवरी के बीच में होने की उम्मीद है और सूत्रों के अनुसार उस बैक में कोर और डेवलपमेंट समूल के खिलाड़ियों की मौजूदा सूची की कड़ी समीक्षा की जाएगी।
सूत्र ने कहा, ‘‘बुधवार को बैठक ऑनलाइन हुई थी और हालांकि इसी में समीक्षा की जानी थी लेकिन हमने फैसला किया कि खिलाड़ियों की समीक्षा आमने-सामने की बैठक में की जानी चाहिए। इसलिए फरवरी की बैठक महत्वपूर्ण होगी।’’
कोर समूह के खिलाड़ियों की संख्या अभी 118 है जिसमें 57 सामान्य और 61 पैरा खिलाड़ी शामिल हैं।
भाषा सुधीर नमिता
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