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Tuesday, 31 March, 2026
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भारतीय खेल सामान प्रदर्शनी में 75 प्रतिभागी, खेल सचिव का तेजी से विस्तार का आग्रह

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नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) भारत को खेल सामान निर्माण क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनाने के सरकार के प्रयासों के तहत देश भर से 75 कंपनियां यहां बुधवार से शुरू हो रहे चौथी भारतीय खेल सामान प्रदर्शनी (आईएसजीएफ) में खेलों के साजो सामान , उपकरणों और परिधानों की नुमाइश करेंगी ।

खेल के सामान और खिलौने निर्यात संवर्धन परिषद द्वारा यह प्रदर्शनी एक और दो अप्रैल को द्वारका के यशोभूमि में आयोजित की गई है । सरकार ने पहली बार सालाना बजट में खेल सामान निर्माण को बढावा देने के लिये 500 करोड़ रूपये आवंटित किये हैं ।

प्रदर्शनी में भाग लेने वालों , अंतरराष्ट्रीय क्रेताओं और हितधारकों को संबोधित करते हुए खेल सचिव हरिरंजन राव ने कहा ,‘‘ यह भारत के खेल सामान उद्योग के विकास का सुनहरा दौर है ।’’

उन्होंने खेल सामान निर्यात को 3000 करोड़ रूपये से बढाकर 80000 करोड़ रूपये करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई ।

उन्होंने कहा ,‘‘ अगर हमें 3000 करोड़ रूपये से 80000 करोड़ रूपये तक पहुंचना है तो हर निर्माता को 25 गुना बढोतरी करनी होगी । अगर आप बड़े सपने नहीं देखेंगे तो कभी हासिल भी नहीं कर पायेंगे ।’’

इस क्षेत्र में अभी चीन का दबदबा है जिसका बाजार में हिस्सा करीब 50 प्रतिशत है । उसके बाद अमेरिका, ताइवान, जर्मनी और वियतनाम हैं । भारत का वैश्विक खेल सामान निर्यात बाजार में हिस्सा 0 . 5 प्रतिशत है ।

राव ने कहा ,‘‘ हमारा लक्ष्य भारत में दुनिया की सबसे बड़ी खेल सामान प्रदर्शनी का आयोजन होना चाहिये जिसमें दुनिया भर से प्रतिभागी आयें ।’’

खेल विभाग के संयुक्त सचिव विनील कृष्णा ने कहा कि निर्माण क्षेत्र को घरेलू मांग की पूरी नहीं करनी है बल्कि भारत की वैश्विक निर्यात क्षमता को भी बढाना है ।

भाषा मोना नमिता

नमिता

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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