scorecardresearch
Monday, 27 July, 2026
होमरिपोर्टइटावा के नाम से अब नहीं लगता डर, युवाओं का पहचान संकट खत्म हुआ: योगी

इटावा के नाम से अब नहीं लगता डर, युवाओं का पहचान संकट खत्म हुआ: योगी

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले इटावा पहचान के संकट से जूझ रहा था. लोग इस रास्ते से गुजरने से डरते थे और जिले में निवेश नहीं होता था.

Text Size:

इटावा: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इटावा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अब इटावा का नाम डर या दहशत की पहचान नहीं है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार की अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के कारण जिले की पहचान बदली है और युवाओं का पहचान संकट खत्म हुआ है.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले इटावा पहचान के संकट से जूझ रहा था. लोग इस रास्ते से गुजरने से डरते थे और जिले में निवेश नहीं होता था.

उन्होंने कहा, “2017 से पहले इटावा के सामने पहचान का संकट किसने पैदा किया? इटावा से चुनाव जीतने वालों ने ही यह संकट पैदा किया था. लोग इस रास्ते से जाने से डरते थे. देश के होटलों में सिर्फ इटावा का नाम सुनकर कमरे नहीं मिलते थे. निवेश के नाम पर यहां कुछ भी नहीं था. कोई यहां आने की सोचता तक नहीं था.”

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई और सरकार ने अपने वादे को पूरा करके दिखाया.

उन्होंने कहा, “बीजेपी ने जो कहा, वह करके दिखाया. जिन्होंने पहचान का संकट पैदा किया था, आज वही खुद पहचान के संकट का सामना कर रहे हैं.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इटावा के नाम से कहीं भी डर नहीं लगता और यहां के युवाओं को प्रदेश या देश के किसी भी हिस्से में सम्मान मिलता है. उन्होंने इटावा के लिए 604 करोड़ रुपये की लागत वाली 128 विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की.

इसके बाद मैनपुरी में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. उन्होंने कहा कि आज मैनपुरी अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है, जबकि पहले इसका नाम डर और असुरक्षा से जुड़ा हुआ था.

योगी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले लोगों ने युवाओं से रोजगार छीना, किसानों की समृद्धि खत्म की, व्यापारियों को असुरक्षित बनाया और महिलाओं की सुरक्षा को खतरे में डाला. उन्होंने कहा, “यही लोग थे जिन्होंने सिर्फ मैनपुरी और इटावा ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट में धकेल दिया और उसे बीमारू राज्य बना दिया.”

share & View comments