लखनऊ: उत्तर प्रदेश में महापुरुषों की विरासत को सुरक्षित रखने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘डॉ. बीआर आंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ को मंजूरी दी गई. इसके तहत समाज सुधारकों और महापुरुषों की मूर्तियों का संरक्षण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा.
इस योजना में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, संत रविदास, कबीर, ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि समेत अन्य महापुरुषों की मूर्तियों का व्यापक विकास किया जाएगा.
14 अप्रैल को प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधि लोगों को योजना और चुने गए स्थलों की जानकारी देंगे.
समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 स्मारकों का विकास किया जाएगा. प्रत्येक स्मारक पर 10 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. इस तरह कुल 403 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
इन स्मारकों के आसपास बाउंड्री वॉल, छतरी, सौंदर्यीकरण, हरियाली और लाइट की व्यवस्था की जाएगी.
इस योजना का उद्देश्य केवल मूर्तियों की सुरक्षा करना नहीं है, बल्कि आसपास के क्षेत्र को विकसित कर रोजगार के अवसर बढ़ाना भी है. निर्माण कार्यों से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.
यह पहल मूर्ति स्थलों को केवल प्रतीकात्मक स्थान न बनाकर उन्हें उपयोगी और जानकारी देने वाले केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इसके तहत 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित मूर्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर आसपास के क्षेत्र का विकास किया जाएगा.
