नई दिल्ली: उत्तराखंड में महिलाओं को राजनीतिक अधिकार देने को लेकर विधानसभा के विशेष सत्र में चर्चा हुई. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को जल्द लागू करने के लिए केंद्र के प्रयासों का समर्थन करते हुए सर्वसम्मति से प्रस्ताव रखने की बात कही.
सीएम ने कहा कि महिलाओं की भूमिका अब सहभागिता से आगे बढ़कर नेतृत्व तक पहुंच चुकी है. उन्होंने नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए इस विधेयक को ऐतिहासिक बताते हुए 33 प्रतिशत आरक्षण को जरूरी बताया.
उन्होंने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं के लिए कई योजनाएं चला रही हैं. जेंडर बजट में वृद्धि के साथ ही स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता दी जा रही है. यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और लोकतंत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.