नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में राजा हिरदेशाह लोधी की विरासत को संरक्षित और प्रसारित करने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घोषणा की कि उन्हें पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा और उनके नाम से तीर्थ स्थल भी बनाया जाएगा.
भोपाल के जंबूरी मैदान में शौर्य दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि राजा हिरदेशाह का जीवन प्रेरणादायी है. उन्होंने 1842 में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष शुरू किया और 1858 तक लड़ाई जारी रखी. उन्हें नर्मदा टाइगर के नाम से भी जाना जाता है. सरकार उनके जीवन पर शोध कराकर महत्वपूर्ण घटनाओं को शिक्षा का हिस्सा बनाएगी.
सीएम ने बताया कि नर्मदा किनारे हीरापुर में तीर्थ स्थल का निर्माण होगा. साथ ही सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए गीता भवन और वृंदावन ग्राम जैसी योजनाएं भी चलाई जा रही हैं.
कार्यक्रम में मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल और धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने भी उनके योगदान को अमूल्य बताया. उन्होंने कहा कि राजा हिरदेशाह ने 1842 में स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल फूंका और समाज को एकजुट किया.