लखनऊ: योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में उल्लेखनीय कमी आई है. उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग के कारण नर्सिंग सेक्टर में “100 प्रतिशत प्लेसमेंट” के अवसर उपलब्ध हैं.
रविवार को लोक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में 1,228 नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और मानव संसाधन को मजबूत करने का परिणाम है.
उन्होंने कहा, “इस पर ध्यान देने की वजह से मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में काफी कमी आई है. पहले उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे था, लेकिन अब हम उसके करीब पहुंच गए हैं.”
नियुक्ति पाने वाले अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने इसे सेवा और रोजगार का अवसर बताया. उन्होंने कहा, “बसंती नवरात्रि के अवसर पर बेटियों को नियुक्ति पत्र मिलना महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का उदाहरण है. नर्सिंग सेवा और संवेदना का पेशा है.”
रोजगार संभावनाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “नर्सिंग ऐसा क्षेत्र है जिसमें 100 प्रतिशत भरोसे के साथ कहा जा सकता है कि डिग्री लेने के बाद प्लेसमेंट सुनिश्चित है.”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय नर्सिंग प्रोफेशनल्स की मांग केवल भारत में ही नहीं, बल्कि जापान, जर्मनी और कोरिया जैसे देशों में भी है.
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या पहले 40 थी, जो बढ़कर अब 81 हो गई है, जिसमें सरकारी संस्थानों के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है. कई नर्सिंग और एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों को फिर से शुरू किया गया है और मेडिकल कॉलेजों के साथ नए कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि राज्य “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” और “वन डिस्ट्रिक्ट, वन नर्सिंग कॉलेज” की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 9.25 करोड़ लोग यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज से जुड़े हैं और 14.28 करोड़ डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं.
उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए नर्सिंग सेवाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है.
