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Thursday, 19 March, 2026
होमरिपोर्टपटना में SDG मॉनिटरिंग, पर्यावरणीय लेखांकन और जेंडर सांख्यिकी पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू

पटना में SDG मॉनिटरिंग, पर्यावरणीय लेखांकन और जेंडर सांख्यिकी पर राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू

20 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल, डेटा-आधारित नीति निर्माण और सतत विकास लक्ष्यों की निगरानी पर जोर

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नई दिल्ली: पटना में गुरुवार को सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) की निगरानी, पर्यावरणीय लेखांकन और जेंडर सांख्यिकी पर दो दिवसीय राष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यशाला शुरू हुई. इसका आयोजन सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग के सहयोग से किया है, जबकि तकनीकी सहयोग संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम ने दिया है.

बिहार में पहली बार आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में करीब 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं. कार्यशाला का उद्देश्य एसडीजी निगरानी ढांचे को मजबूत करना, आंकड़ों की कमी की पहचान करना और नीति निर्माण के लिए विश्वसनीय डेटा उपलब्ध कराना है. इसमें प्रशासनिक और सर्वे आधारित आंकड़ों के बेहतर एकीकरण पर भी जोर दिया गया.

उद्घाटन सत्र में बिहार के योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि सटीक और समयबद्ध आंकड़े सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए जरूरी हैं. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गुणवत्तापूर्ण डेटा को प्रभावी नीतियों की आधारशिला बताया.

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव सौरभ गर्ग ने कहा कि एसडीजी संकेतकों की प्रभावी निगरानी के लिए मजबूत सांख्यिकीय प्रणाली जरूरी है. कार्यशाला में पर्यावरणीय लेखांकन, जेंडर-संवेदनशील आंकड़ों और राज्यों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं.

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