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Friday, 21 August, 2026
होमरिपोर्टएमपी में टेक होम राशन व्यवस्था मजबूत, आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्थानीय SHG के जरिए पोषण आहार का वितरण शुरू

एमपी में टेक होम राशन व्यवस्था मजबूत, आंगनवाड़ी केंद्रों पर स्थानीय SHG के जरिए पोषण आहार का वितरण शुरू

नई व्यवस्था का उद्देश्य पोषण आहार की उपलब्धता को स्थानीय स्तर पर और मजबूत करना है. प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर अगस्त के पहले सप्ताह से स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार THR का वितरण शुरू हो चुका है.

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भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने बच्चों, गर्भवती और धात्री माताओं को पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में महिला एवं बाल विकास विभाग ने अगस्त के पहले सप्ताह से नई टेक होम राशन (THR) व्यवस्था लागू की है. इसके तहत स्थानीय स्व-सहायता समूहों के जरिए हितग्राहियों को स्थानीय स्तर पर तैयार टेक होम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है.

पूरक पोषण कार्यक्रम के तहत पात्र हितग्राहियों को साल में कम से कम 300 दिन पूरक पोषण सेवाएं दी जाती हैं. 3 से 6 साल तक के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर रोजाना नाश्ता और गर्म पका भोजन दिया जा रहा है. वहीं, 6 माह से 3 साल तक के बच्चों और गर्भवती एवं धात्री माताओं के लिए मंगलवार को गर्म पका भोजन और बाकी दिनों में टेक होम राशन देने की व्यवस्था है.

नई व्यवस्था का उद्देश्य पोषण आहार की उपलब्धता को स्थानीय स्तर पर और मजबूत करना है. प्रदेश के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर अगस्त के पहले सप्ताह से स्थानीय स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार THR का वितरण शुरू हो चुका है. इससे एक ओर बच्चों और माताओं तक पोषण आहार की पहुंच मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर स्व-सहायता समूहों की भागीदारी भी बढ़ेगी.

3 से 6 साल के बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्रों पर रोजाना नाश्ता और गर्म पका भोजन दिया जा रहा है. 6 माह से 3 साल तक के बच्चों तथा गर्भवती और धात्री माताओं को स्थानीय स्तर पर तैयार THR उपलब्ध कराया जा रहा है. इसके अलावा 6 से 60 माह के अति गंभीर कुपोषित (SAM) और 6 से 72 माह के अति कम वजन (SUW) बच्चों को अतिरिक्त पोषण आहार के रूप में भी स्थानीय स्तर पर तैयार THR दिया जा रहा है.

बच्चों की पोषण स्थिति पर नजर रखने के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर उनका वजन और लंबाई-ऊंचाई मापकर पोषण ट्रैकर पर दर्ज किया जा रहा है. जरूरत के अनुसार बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श और देखभाल की जा रही है. गंभीर स्थिति वाले बच्चों को स्वास्थ्य विभाग और पोषण पुनर्वास केंद्रों से समन्वय कर रेफर किया जाता है.

हर महीने होने वाले 10 दिवसीय शारीरिक माप दिवसों के दौरान जन्म से 6 साल तक के बच्चों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच की जाती है. चिन्हित SAM, MAM और SUW बच्चों का मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम में पंजीयन कर जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं. मैदानी कर्मचारी घर जाकर बच्चों का फॉलोअप और परिवारों को पोषण संबंधी सलाह भी देते हैं.

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