भोपाल: मध्यप्रदेश गृह विभाग ने बंदियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने 14 अप्रैल, डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर आजीवन कारावास की सजा काट रहे 87 बंदियों की समयपूर्व रिहाई करने का निर्णय लिया है. वहीं गैर-आजीवन कारावास की सजा काट रहे 7 बंदियों को सजा में छूट (विशेष परिहार) दी जाएगी.
गृह विभाग के आदेश के अनुसार, प्रदेश की जेलों में अच्छे आचरण वाले बंदियों को वर्ष में 5 विशेष अवसरों पर राहत दी जाती है. इनमें 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस), 14 अप्रैल (डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती), 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस), 2 अक्टूबर (महात्मा गांधी जयंती) और 15 नवंबर (राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस) शामिल हैं. इन मौकों पर पात्र बंदियों को सजा में छूट या समयपूर्व रिहाई दी जाती है.
गृह विभाग के अनुसार, इस तरह की छूट से बंदियों में जेल के दौरान अच्छा आचरण बनाए रखने की प्रेरणा मिलती है. इससे जेलों में अनुशासन और प्रशासनिक व्यवस्था बेहतर रहती है.
गौरतलब है कि 26 जनवरी 2026 को भी 94 बंदियों को समयपूर्व रिहाई और सजा में छूट दी गई थी. शासन का मानना है कि समयपूर्व रिहाई से बंदियों के समाज में पुनर्वास में आसानी होती है. साथ ही जेलों में भीड़ (ओवरक्राउडिंग) कम करने में भी मदद मिलती है.
