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Wednesday, 11 February, 2026
होमरिपोर्टमध्य प्रदेश: दो थर्मल पावर प्लांट्स की लागत बढ़ाई, पर्यटन के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को PPP मॉडल पर हरी झंडी

मध्य प्रदेश: दो थर्मल पावर प्लांट्स की लागत बढ़ाई, पर्यटन के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं को PPP मॉडल पर हरी झंडी

इस कदम से NMC मानकों के अनुरूप मेडिकल कॉलेज संचालन सुनिश्चित होगा, पोस्टग्रेजुएट छात्रों को सीनियर रेजिडेंसी की सुविधा मिलेगी और राज्य में नॉन-क्लिनिकल व पैराक्लिनिकल फैकल्टी में शिक्षकों की उपलब्धता मजबूत होगी.

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय, भोपाल में कैबिनेट की बैठक हुई. बैठक में राज्य के दो प्रमुख थर्मल पावर प्लांट्स की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई.

सतपुड़ा थर्मल पावर प्रोजेक्ट, सारनी (बेतुल) के लिए 11,678.74 करोड़ रुपये और अमरकंटक थर्मल पावर प्लांट, चाचाई (अनुपूर) के लिए 11,476.31 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए.

इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन को मंजूरी दी. हेलीकॉप्टर सेवाएं चुनिंदा हवाई अड्डों, हेलिपैड और एयरस्ट्रिप्स से संचालित होंगी.

अधिकारिक सूचना के अनुसार, संचालन को तीन सेक्टरों में विभाजित किया जाएगा.

सेक्टर 1: इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मंडू, महेश्वर, गांधी सागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बारवानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलक़ेडा, भोपाल और जबलपुर.

सेक्टर 2: भोपाल, माधई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कुनो (शिवपुरी), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बेतुल, टीकमगढ़ और जबलपुर.

सेक्टर 3: जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, माइहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडोरी, भोपाल और इंदौर.

इस पहल का उद्देश्य सस्ती और सतत हेलीकॉप्टर सेवाएं उपलब्ध कराना है, जो प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, नेशनल पार्क और पर्यटन स्थलों को जोड़ें. इससे यात्रियों, पर्यटकों, निवेशकों और निवासियों के लिए यात्रा आसान होगी, साथ ही राज्य में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे.

कैबिनेट ने 13 स्वायत्त मेडिकल कॉलेजों में 354 नए सीनियर रेजिडेंट पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है. ये पद भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खंडवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा स्थित मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे.

इस कदम से NMC मानकों के अनुरूप मेडिकल कॉलेज संचालन सुनिश्चित होगा, पोस्टग्रेजुएट छात्रों को सीनियर रेजिडेंसी की सुविधा मिलेगी और राज्य में नॉन-क्लिनिकल व पैराक्लिनिकल फैकल्टी में शिक्षकों की उपलब्धता मजबूत होगी.

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