गौतम बुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का एविएशन सेक्टर अभूतपूर्व विस्तार और बदलाव देख रहा है. यह बात उन्होंने तब कही जब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एयरोड्रम लाइसेंस दे दिया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि DGCA ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के लिए YIAPL को एयरोड्रम लाइसेंस प्रदान किया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का एविएशन सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और बड़े बदलाव देख रहा है.
उन्होंने कहा कि जेवर में बन रहा यह विश्वस्तरीय एयरपोर्ट एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा. इससे निवेश, पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और नया उत्तर प्रदेश तथा नया भारत बनाने की दिशा में तेजी आएगी.
यह एयरपोर्ट YIAPL द्वारा विकसित किया जा रहा है, जो Zurich Airport International AG की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है. यह परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के सहयोग से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत बनाई जा रही है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार इस परियोजना की 40 साल की रियायत अवधि 1 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई है.
एयरपोर्ट को सार्वजनिक उपयोग के तहत सभी मौसम में संचालन के लिए लाइसेंस दिया गया है. यहां 3,900 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे बनाया गया है, जिसमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एरोनॉटिकल ग्राउंड लाइटिंग (AGL) सिस्टम लगे हैं, जिससे 24 घंटे उड़ान संचालन संभव होगा.
एयरपोर्ट पर 24 कोड-C और 2 कोड-D/F विमान के लिए पार्किंग स्टैंड बनाए गए हैं. यहां ARFF कैटेगरी-9 की सुविधा भी होगी, जिससे बोइंग 777-300ER जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव होगा.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है, जिसमें एक मल्टी-मॉडल कार्गो हब भी शामिल है. पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल बनाया जाएगा, जिससे हर साल करीब 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता होगी. सभी चरण पूरे होने के बाद एयरपोर्ट की क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंच जाएगी. इससे यह एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ा एविएशन हब बन जाएगा.
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, भारत में एविएशन सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है. 2014 में जहां देश में 74 एयरपोर्ट थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 164 हो गई है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन बाजार बन चुका है.
UDAN योजना जैसी पहल की मदद से भारत अपने एविएशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रहा है. सरकार नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने के साथ-साथ मौजूदा ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट और क्षेत्रीय हवाई पट्टियों को भी अपग्रेड कर रही है.
सरकार का लक्ष्य 2047 तक देश में 400 से अधिक एयरपोर्ट विकसित करने का है, जिससे कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और राष्ट्रीय एकता को और मजबूती मिलेगी.
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई देते हुए कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की एविएशन कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है. उन्होंने कहा कि यह विश्वस्तरीय एयरपोर्ट क्षेत्रीय आर्थिक विकास, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा देगा और यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव भी देगा.
