नई दिल्ली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को सीधे रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ की विस्तृत कार्ययोजना की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को केवल निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता का हब बनाया जाए.
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विकसित होने वाला यह जोन इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल और एम्प्लॉयमेंट इकोसिस्टम के रूप में कार्य करे, जहां उद्योग, प्रशिक्षण और सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों. योजना के तहत हर जिले में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्र में जोन विकसित किया जाएगा.
हर जोन में जी+3 भवन में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र’ स्थापित होगा, जिसमें प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, ओडीओपी डिस्प्ले, जिला उद्योग केंद्र, कौशल विकास मिशन, रोजगार कार्यालय और बैंकिंग सुविधाएं शामिल होंगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लग एंड प्ले मॉडल, स्किलिंग, हैंडहोल्डिंग और प्लेसमेंट के माध्यम से युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ा जाए. उन्होंने इसे रोजगार-आधारित विकास का राष्ट्रीय मॉडल बताया.
