भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति में राहत दी है. अब पदोन्नति की तारीख तक 45 साल की उम्र पूरी कर चुके कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 और समकक्ष पदों पर पदोन्नति के लिए कंप्यूटर दक्षता प्रमाणीकरण परीक्षा (CPCT) के स्कोर कार्ड की अनिवार्यता से छूट मिलेगी. हालांकि, इन कर्मचारियों के लिए कंप्यूटर दक्षता जरूरी रहेगी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम, 2025 के तहत सभी विभागों में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू होने के बाद सामने आ रही उलझनों को दूर करने के लिए ये निर्देश जारी किए गए हैं.
नए निर्देशों के मुताबिक, सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति के बाद दो साल की परिवीक्षा अवधि में CPCT परीक्षा पास करनी होगी. साथ ही, उन्हें किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से एक साल का कंप्यूटर डिप्लोमा या उसके बराबर की निर्धारित योग्यता हासिल करनी होगी.
अगर कर्मचारी दो साल की परिवीक्षा अवधि में ये योग्यताएं हासिल नहीं कर पाते हैं, तो उनकी परिवीक्षा अवधि अधिकतम तीन साल और बढ़ाई जा सकती है. इस तरह पदोन्नति के बाद कुल पांच साल के भीतर जरूरी योग्यताएं हासिल करनी होंगी. ऐसा नहीं करने पर कर्मचारी को उसके मूल चतुर्थ श्रेणी पद पर वापस भेज दिया जाएगा.
ये नियम केवल विभागीय पदोन्नति पर लागू होंगे. सीधी भर्ती या नियुक्ति के किसी दूसरे माध्यम में CPCT और कंप्यूटर डिप्लोमा की निर्धारित योग्यताएं पहले की तरह अनिवार्य रहेंगी.