पटना: राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (BIRSAC) की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक हुई.
बैठक में निर्देश दिया गया कि 50 करोड़ या उससे अधिक लागत की सभी अवसंरचना परियोजनाओं के DPR में जियो-स्पैशियल एनालिटिक्स को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा और वित्तीय स्वीकृति से पहले BIRSAC से तकनीकी अनुमोदन लेना होगा.
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को BIRSAC की जियो-स्पैशियल सेवाओं का व्यापक उपयोग करने को कहा.
उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था से योजना निर्माण अधिक वैज्ञानिक, डेटा-आधारित और प्रभावी होगा, साथ ही लागत में बचत और भूमि, वन व तकनीकी बाधाओं की पहचान शुरुआती चरण में ही हो सकेगी.
