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Saturday, 28 March, 2026
होमरिपोर्टईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के लिए सीएम योगी ने पीएम मोदी का जताया आभार

ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के लिए सीएम योगी ने पीएम मोदी का जताया आभार

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह परियोजना विकास और विरासत दोनों की सोच को दर्शाती है.

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गौतमबुद्ध नगर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया.

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक ईंधन संकट का जिक्र किया और कहा कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.

उन्होंने कहा, “आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है. राम नवमी के अवसर पर पूरे देश में उत्साह था. इस समय दुनिया में तनाव और अस्थिरता का माहौल है और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. लेकिन उनकी दूरदर्शिता और राष्ट्र प्रथम की सोच के कारण पिछले 11-12 वर्षों में किए गए काम के परिणाम दिखाई दे रहे हैं. भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर हैं और सप्लाई सुचारु है. अमेरिका जैसे विकसित देश भी ऊंची कीमतों का सामना कर रहे हैं और भारत के पड़ोसी देशों में ईंधन की कमी और अव्यवस्था है. मैं एक्साइज ड्यूटी कम करने के इस ऐतिहासिक फैसले के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं.”

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने घोषणा की है कि पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि डीजल पर ड्यूटी 10 रुपये से घटाकर शून्य कर दी गई है.

मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने उत्तर प्रदेश के विकास को बाधित किया और राज्य को अव्यवस्था की स्थिति में पहुंचा दिया.

उन्होंने कहा, “विकसित भारत की दिशा में हर क्षेत्र में काम दिखाई दे रहा है और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उसी का हिस्सा है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने अपनी अक्षमता के कारण राज्य और देश को विकास की बाधाओं में फंसा दिया था. लेकिन प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पिछले 12 वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर और पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़ी प्रगति हुई है, जिससे राज्य को नई पहचान मिली है.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री ने इस एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी और अब इसका पहला चरण शुरू हो रहा है, जो डबल इंजन सरकार की तेज विकास गति को दिखाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन किया.

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह परियोजना विकास और विरासत दोनों की सोच को दर्शाती है.

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन पर सभी को बधाई. यह उपलब्धि सिर्फ जेवर, उत्तर प्रदेश या दिल्ली-एनसीआर ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए महत्वपूर्ण है. देश की राजधानी दिल्ली को आज दूसरा बड़ा हवाई अड्डा मिला है.”

उन्होंने बताया कि 3000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला यह एयरपोर्ट 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बना है और इसकी लगभग 4 किलोमीटर लंबी रनवे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पूरी तरह सक्षम है.

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार के रूप में विकसित किया गया है, जो देश के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाएगा.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत की सबसे बड़ी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजनाओं में से एक है. शुरुआत में इसकी यात्री क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष (MPPA) होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक किया जा सकेगा.

एयरपोर्ट में 3,900 मीटर लंबी रनवे, आधुनिक नेविगेशन सिस्टम, इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एडवांस लाइटिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं हैं, जिससे हर मौसम में 24 घंटे संचालन संभव होगा.

इसके अलावा एयरपोर्ट में मल्टी-मॉडल कार्गो हब, इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल और लॉजिस्टिक्स जोन जैसी सुविधाएं भी हैं. कार्गो सुविधा हर साल 2.5 लाख मीट्रिक टन माल संभालने में सक्षम होगी, जिसे बढ़ाकर करीब 18 लाख मीट्रिक टन तक किया जा सकेगा. यहां 40 एकड़ क्षेत्र में मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) सुविधा भी बनाई गई है.

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