भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल स्थित सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित “अभिनंदन समारोह” में सहभागिता की. इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में शिक्षक संघ की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन भी किया गया.
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के कैलेंडर तथा “हमारा विद्यालय-हमारा तीर्थ” पुस्तिका का विमोचन किया. साथ ही कार्यक्रम स्थल पर लगी प्रदर्शनी का शुभारंभ कर उसका अवलोकन भी किया.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि युग और सदियां बदलती रहीं, लेकिन शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ. शिक्षक उस दीपक के समान हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को प्रकाशमान करते हैं. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के शिक्षकों के सतत प्रयासों से शासकीय विद्यालयों का परीक्षा परिणाम ऐतिहासिक रूप से बेहतर हुआ है. बच्चों के प्रवेश और शाला नामांकन दर में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं प्रदेश में ड्रॉप-आउट दर शून्य हो गई है, जिसमें शिक्षकों का योगदान अतुलनीय और वंदनीय है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांदीपनि विद्यालय और पीएमश्री विद्यालय प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता के नए मानक स्थापित कर रहे हैं. सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से प्रेरित होकर प्रदेश में इसी शैक्षणिक सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे. उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश अग्रणी है और एआई, कोडिंग व कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है.
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त व्याख्याताओं कोकिला सेन, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास और किशनलाल नाकड़ा को सम्मानित किया.
कोकिला सेन ने उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भौतिक शास्त्र पढ़ाया था. मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया. वहीं बद्री प्रसाद तिवारी ने नरसिंहपुर में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को पढ़ाया था.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और संघ के वार्षिक कैलेंडर, टेबल कैलेंडर तथा डायरी का भी विमोचन किया.
