पटना: बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने खेल विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के खेल ढांचे को मजबूत करने के लिए कई अहम निर्देश दिए. बैठक में खेल सचिव महेंद्र कुमार समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
मुख्य सचिव ने राज्य के खेल क्लबों और खेल परिसरों में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पंचायत स्तर के खेल परिसरों और आउटडोर स्टेडियमों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके. साथ ही खेल क्लबों के संचालन को संस्थागत रूप देने और सचिव स्तर पर नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए.
उन्होंने खेल क्षेत्र में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए स्पष्ट नीति बनाने को कहा, ताकि निजी और सरकारी भागीदारी से खेलों का विकास हो सके. स्थानीय उद्योगों को खेल गतिविधियों से जोड़ने और युवाओं को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करने की भी बात कही.
जमीनी स्तर पर जवाबदेही बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि हर खेल क्लब के साथ जिला खेल पदाधिकारी, सरकारी कोच और शारीरिक शिक्षक को जोड़ा जाए. खेल सामग्री की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए ओपन कॉल के जरिए सप्लायरों को सूचीबद्ध करने और खेल सामग्री की अधिकतम कीमत तय करने के भी निर्देश दिए गए.
बैठक में राज्य के 27 एकलव्य केंद्रों की समीक्षा की गई, जिस पर मुख्य सचिव ने संतोष जताया और बाकी प्रस्तावित केंद्रों को जल्द शुरू करने को कहा. विभाग ने बताया कि नवंबर और फरवरी में हाफ मैराथन आयोजित करने की योजना है, जिसकी शुरुआत इस साल नवंबर से होगी.
यह बैठक राज्य में सुरक्षित, पारदर्शी और समावेशी खेल व्यवस्था बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
