मथुरा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या और काशी के भव्य विकास के बाद अब ब्रजभूमि को भी लोगों की आस्था और भावनाओं के मुताबिक विकसित किया जाएगा. डबल इंजन की सरकार इसमें कोई कसर नहीं छोड़ेगी. ब्रजभूमि के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को देखते हुए यहां ऐसा भव्य परिसर तैयार किया जाएगा, जैसा अयोध्या और काशी में हुआ है.
योगी ने कहा कि पिछली सरकारें श्रीकृष्ण जन्मभूमि आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें अपने वोट बैंक की चिंता रहती थी. यह सरकार कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्रीराम, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी में विश्वास करती है. उन्होंने कहा, “लेकिन, जिनकी आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, क्या वे आपकी आस्था का सम्मान कर पाएंगे?”
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 4, 2026
मुख्यमंत्री शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी फिर से समाज में जहर घोलने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की आदत समाज में विष घोलने की है, ताकि समाज और राष्ट्र विरोधी तत्वों के हौसले बढ़ें, लोगों की सुरक्षा में सेंध लगे, युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो, बहन-बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़े और किसानों की खुशहाली को नुकसान पहुंचे. साथ ही कारीगरों और हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बनाने की कोशिश हो.
योगी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ऐसे मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्यावासियों ने कभी सोचा भी नहीं था कि अयोध्या का इतना भव्य विकास हो सकता है. वहां पहले न अच्छी सड़कें थीं, न बिजली और न ही पानी की पर्याप्त व्यवस्था. जगह-जगह गंदगी रहती थी. अयोध्या रेलवे की सिंगल लाइन से जुड़ी थी. वहां जाने वाले श्रद्धालु अव्यवस्था और अराजकता देखकर परेशान होकर लौटते थे.
उन्होंने कहा कि आज हर दिन करीब एक लाख श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचते हैं. रामनवमी, कार्तिक माह, सावन के झूला मेले और दीपोत्सव जैसे मौकों पर यह संख्या 5 लाख से 50 लाख तक पहुंच जाती है. इसके बावजूद श्रद्धालुओं को कोई बड़ी परेशानी नहीं होती.
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बना है. चारों तरफ से फोरलेन सड़कें बन चुकी हैं और रेलवे की डबल लाइन हो चुकी है. अयोध्या में भक्तिपथ और रामपथ जैसी फोरलेन सड़कें भी बनाई गई हैं.
योगी ने कहा कि 500 साल पहले, 1528 में एक विदेशी आक्रांता ने हमारी आस्था को खत्म करने की कोशिश की थी. लेकिन अयोध्या में प्रभु श्रीराम के प्रति सनातन आस्था लगातार मजबूत हुई है. वहां उमड़ रही भीड़ इसका उदाहरण है.
उन्होंने कहा कि जो आक्रांता खुद को अजेय मानते थे, आज उनका कहीं कोई नामोनिशान नहीं है. “सब समाप्त हो गए. लेकिन हमारी आस्था कभी पराजित नहीं हुई.” उन्होंने कहा कि अयोध्या में प्रभु श्रीराम का दुनिया का विशाल और भव्य मंदिर बन गया है.
योगी ने कहा कि जिन लोगों को यह विकास अच्छा नहीं लगता, वे अयोध्या को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह अभी योगमाया के दर्शन कर रहे थे. इसी धरती पर योगमाया ने जन्म लेकर कंस के अहंकार को चुनौती दी थी. यही योगमाया आगे चलकर विंध्यवासिनी धाम में प्रकट हुई थीं.
उन्होंने कहा कि जब भी वह यहां आते थे, उन्हें मां विंध्यवासिनी की याद आती थी. आज उन्हें यह बताते हुए खुशी है कि योगमाया के प्रति आस्था के कारण विंध्यवासिनी धाम को भी एक भव्य परिसर मिला है.
योगी ने कहा कि मथुरा-वृंदावन के साथ बरसाना, नंदगांव और गोवर्धन आने वाले श्रद्धालुओं को सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएंगी. किसी श्रद्धालु को परेशानी न हो और उसकी आस्था को ठेस न पहुंचे, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि श्रद्धालु आसानी से आएं, दर्शन करें और भगवान का आशीर्वाद लेकर जाएं, यह सरकार की कोशिश है.
योगी ने कहा कि पर्व और त्योहार सिर्फ आस्था से जुड़े नहीं हैं, बल्कि ये हमारी अर्थव्यवस्था का भी आधार हैं. समाज का हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में इससे जुड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि वह अपना कर्तव्य करें और खुद को सिर्फ एक माध्यम समझें. अगर हम बिना किसी स्वार्थ के अपना काम करेंगे तो उसका परिणाम जरूर मिलेगा.
उन्होंने कहा कि इसी तरह अगर हम देश, समाज और परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाएंगे तो भारत को विकसित भारत और उत्तर प्रदेश को विकसित उत्तर प्रदेश बनने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.
उन्होंने श्रीकृष्ण के संदेश “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” का जिक्र करते हुए कहा कि कर्म करते हुए अपने कर्तव्य के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए. बाकी चिंता कृष्ण कन्हैया करेंगे.
उन्होंने कहा कि हमारा देश स्वतंत्र है, इसलिए हम आज इतने स्वतंत्र माहौल में अपने पर्व और त्योहार मना पा रहे हैं. लाखों श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन आकर अलग-अलग समारोहों और आयोजनों में हिस्सा ले रहे हैं.
योगी ने कहा कि आज लोग सरकार की सुविधाओं से जुड़े हैं और विकास की नई परियोजनाओं का लाभ उठा रहे हैं. नौजवान अपने जीवन और भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं. बेटियां और महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हैं. कारीगर और हस्तशिल्पी भी उद्यमी बनने का भरोसा महसूस कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि लोगों के इसी विश्वास को मजबूत करने और समाज को जोड़ने के लिए पर्व और त्योहार आते हैं. उन्हें भी इसी वजह से ब्रजभूमि में ‘लाला’ यानी बालकृष्ण के दर्शन करने का अवसर मिला है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमारी आस्था भी उतनी ही जरूरी है. विरासत के सम्मान के लिए ही वह श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर यहां आते हैं.
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें यहां आने से डरती थीं, क्योंकि उन्हें वोट बैंक की चिंता होती थी. उन्हें डर रहता था कि कहीं लोग सवाल न पूछ लें. योगी ने कहा कि इसी वजह से उनके शासन में यहां जवाहर बाग जैसी घटना हुई.
उन्होंने कहा कि अब ब्रजभूमि जन्मोत्सव, रंगोत्सव, ब्रजरज उत्सव और वैष्णव कुंभ जैसे आयोजनों के साथ नए उत्साह, नई उमंग और नए विश्वास से जुड़ रही है. यही नया विश्वास लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रहा है.
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं भी दीं.