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Tuesday, 10 March, 2026
होमरिपोर्टनई दिल्ली में वुमेन्स डे कॉन्क्लेव, अभिनेता राकेश बेदी ने महिलाओं की ताकत पर सुनाई भावुक कविता

नई दिल्ली में वुमेन्स डे कॉन्क्लेव, अभिनेता राकेश बेदी ने महिलाओं की ताकत पर सुनाई भावुक कविता

यह कॉन्क्लेव इस बात का मजबूत संदेश था कि सामूहिक संवेदना, जागरूकता और मिलकर किए गए प्रयासों से समाज में सकारात्मक और सार्थक बदलाव लाया जा सकता है.

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नई दिल्ली: 8 मार्च 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर नई दिल्ली स्थित मध्य प्रदेश भवन में आयोजित वुमेन्स डे कॉन्क्लेव एक यादगार और प्रेरणादायक कार्यक्रम साबित हुआ. इस कार्यक्रम का आयोजन Cittamindful Trust ने किया था. कार्यक्रम में प्रसिद्ध अभिनेता राकेश बेदी की मौजूदगी ने इसे और खास बना दिया.

आने वाली फिल्म ‘धुरंधर’ में अपने आइकॉनिक किरदार को लेकर चर्चा में चल रहे राकेश बेदी पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ मंच पर पहुंचे और आते ही दर्शकों का दिल जीत लिया. उन्होंने अपने खास अंदाज में बातचीत की शुरुआत मशहूर डायलॉग “अस्सलाम-ओ-अलैकुम, ल्यारी दिल्ली में है!” से की. यह सुनते ही पूरा हॉल तालियों और उत्साह से गूंज उठा. इसके बाद उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर एक भावनात्मक और प्रभावशाली कविता सुनाई, जिसमें महिलाओं की ताकत, संघर्ष और गरिमा का खूबसूरत वर्णन किया गया.

राकेश बेदी साल 2020 से Cittamindful Trust के साथ जुड़े हुए हैं और लगातार मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और भावनात्मक कल्याण के मिशन का समर्थन कर रहे हैं. इस संस्था की स्थापना डॉ. मणिका पाल और डॉ. अदिति ग्रोवर ने की थी.

Cittamindful Trust का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को हर व्यक्ति तक पहुंचाना है. यह संस्था ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को निःशुल्क काउंसलिंग सेवाएं देती है. अब तक यह ट्रस्ट 78,000 से अधिक लोगों को मानसिक और भावनात्मक सहयोग तथा उपचार दे चुका है. इससे लोगों को अपनी भावनाएं साझा करने, बेहतर होने और आगे बढ़ने के लिए एक सुरक्षित मंच मिला है.

यह कॉन्क्लेव इस बात का मजबूत संदेश था कि सामूहिक संवेदना, जागरूकता और मिलकर किए गए प्रयासों से समाज में सकारात्मक और सार्थक बदलाव लाया जा सकता है.

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