रायपुर: विष्णु देव साय ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई गति देगा. उन्होंने राज्य के लोगों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए इसे विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का तीसरा बजट नए विधानसभा भवन में पेश किया गया है, जो विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को और मजबूत करेगा. उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी विकास, सुशासन और जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगा और इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी तथा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. किसानों, गरीबों, युवाओं, महिलाओं और आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके.
उन्होंने कहा कि 2026-27 का बजट राज्य के “सुशासन से समृद्धि” मॉडल को मजबूत आधार देगा और बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन, कृषि प्रगति, सामाजिक सुरक्षा और मानव संसाधन विकास को नई दिशा देगा. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह बजट विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा और राज्य को आत्मनिर्भरता, आर्थिक प्रगति और समृद्धि के नए दौर में ले जाएगा.
इस बीच, राज्य के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. यह बजट ‘संकल्प’ (SANKALP) थीम पर आधारित है, जिसमें समावेशी विकास, अवसंरचना को तेज करना और निवेश को बढ़ावा देना शामिल है.
भाजपा के नेतृत्व वाली विष्णु देव साय सरकार का यह तीसरा बजट है. सरकार का पहला बजट ‘ज्ञान’ (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) पर आधारित था, जबकि पिछले साल का बजट ‘गति’ (सुशासन, अवसंरचना, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास) पर केंद्रित था.
बजट पेश करते हुए चौधरी ने कहा कि ‘संकल्प’ बजट का मकसद राज्य के विकास को तेज करना है. उन्होंने घोषणा की कि सरकार रानी दुर्गावती योजना शुरू करेगी, जिसके तहत बालिकाओं को 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे.
उन्होंने बताया कि बस्तर क्षेत्र के अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. वहीं कुनकुरी, मनेंद्रगढ़ और दंतेवाड़ा में नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए 50 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
खेल और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. बस्तर नेट परियोजना के लिए पांच करोड़ रुपये देकर दूरदराज इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी.
इसके अलावा, इंद्रावती नदी पर मतनार और देउरगांव बैराज के निर्माण के लिए 2,024 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. राज्य में निवेश और रोजगार बढ़ाने के लिए 23 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने हेतु 250 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जबकि सरगुजा के मैनपाट में पर्यटन विकास के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि जगदलपुर और अंबिकापुर में हवाई सेवाओं का विस्तार भी किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा और राज्य को विकास के नए चरण में ले जाएगा.
