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Wednesday, 17 July, 2024
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‘मानसिक प्रताड़ना, भेदभाव’ के आरोपों के बाद यूथ कांग्रेस प्रमुख श्रीनिवास बीवी ने भेजा मानहानि का नोटिस

आरोप असम यूथ कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अंगकिता दत्ता ने लगाया था. IYC ने कहा कि दत्ता ने कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद कर दिया है और उनके दावों की जांच करने वाली 'जांच समिति के साथ सहयोग' नहीं कर रही हैं.

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नई दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी,IYC) के अध्यक्ष श्रीनिवास बी.वी. ने असम आईवाईसी की पूर्व अध्यक्ष अंगकिता दत्ता को आपराधिक मानहानि का नोटिस भेजा है.

दत्ता द्वारा ट्विटर पर यह आरोप लगाने के बाद आईवाईसी ने यह कदम उठाया है कि कांग्रेस की युवा शाखा के प्रमुख ने उन्हें “मानसिक रूप से परेशान” किया और उनके साथ “भेदभाव” किया था. मंगलवार को एक के बाद एक किए गए ट्वीट्स में, दत्ता ने श्रीनिवास पर लिंग के आधार पर उनके साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया. उसने आगे कहा कि उसकी शिकायतों के बावजूद उसके खिलाफ कोई जांच नहीं की गई.

उत्तर प्रदेश में पिछले साल के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस महासचिव द्वारा शुरू किए गए एक अभियान का जिक्र करते हुए दत्ता ने पूछा, “प्रियंका गांधी की लड़की हूं, लड़ सकती हूं?” का क्या हुआ.

एक दूसरे ट्वीट में, उन्होंने लिखा: “मुझे राहुल गांधी पर बहुत विश्वास था और भारत जोड़ो यात्रा [उनके नेतृत्व में] के दौरान जम्मू में उन्हें श्रीनिवास के उत्पीड़न और मेरे प्रति भाषा के अपमानजनक उपयोग के बारे में बताने के लिए गई थी. अभी अप्रैल है और अभी तक उनके (श्रीनिवास) खिलाफ कोई जांच नहीं हुई है.

दिल्ली में आईवाईसी ने यह इंगित करते हुए प्रतिक्रिया दी है कि दत्ता से शारदा चिट फंड घोटाले में पूछताछ की गई थी और वह असम के मुख्यमंत्री और भाजपा नेता हिमंत बिस्वा सरमा के साथ “लगातार संपर्क” में हैं.

आईवाईसी ने एक बयान में कहा, “डॉ. दत्ता को जून 2018 में असम पीवाईसी (प्रदेश युवा कांग्रेस) के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था जब श्री कमरुल इस्लाम चौधरी पीवाईसी अध्यक्ष थे. बाद में, संगठन में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण के लिए आईवाईसी द्वारा पारित प्रस्ताव के अनुसार, उन्हें नवंबर 2021 में पीवाईसी असम अध्यक्ष के रूप में नामित किया गया और वह तब तक संगठन की अध्यक्ष रहीं जब तक राज्य संगठन में नए नेताओं को शामिल करने की जिम्मेदारी भी सौंपी. ”

हालांकि, दत्ता अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर असम आईवाईसी अध्यक्ष के रूप में अपनी पहचान बनाए हुए हैं.

आईवाईसी के बयान में आगे आरोप लगाया गया कि पिछले साल आईवाईसी राज्य के चुनावों की घोषणा के बाद से दत्ता ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना बंद कर दिया था.

बयान में कहा गया है कि इस तरह के आरोप सीधे तौर पर बताते हैं कि आरोप कितने गलत हैं. “चूंकि उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था, और राज्य पीवाईसी चुनाव की घोषणा के बाद वह अपने कर्तव्यों का कुशलता से निर्वहन नहीं कर रही थीं, उन्होंने राष्ट्रीय सचिव वर्धन यादव, असम पीवाईसी के आईवाईसी प्रभारी के खिलाफ निराधार आरोप लगाना शुरू कर दिया, जो कभी फलीभूत नहीं हुए और उन्होंने लगातार इसका खंडन किया. आईवाईसी लीडरशिप द्वारा उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए गठित जांच समिति में भाग लेने और सहयोग करने से खुद को.

व्हाट्सएप और ट्विटर पर टिप्पणी के लिए दिप्रिंट अंगकिता दत्ता और श्रीनिवास बी.वी दोनों तक पहुंचा, लेकिन इस रिपोर्ट के प्रकाशन के समय तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली.

‘उनके कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा’

श्रीनिवास ने हालांकि मंगलवार रात ट्विटर पर एक बयान जारी किया.

श्रीनिवास ने कहा, “एक प्रसिद्ध कहावत है – जब एक व्यक्ति आरोप लगाता है, तो सुनिश्चित करें कि वह स्वयं दोषी नहीं है. कभी-कभी वही लोग होते हैं जिनका मामला कमजोर होता है जो सबसे ज्यादा शोर मचाते हैं. श्रीनिवास ने कहा कि जो कोई भी झूठी और मानहानिकारक सामग्री के प्रचार / प्रसार में लिप्त पाया जाएगा, उसे संबंधित कानूनों के तहत उत्तरदायी ठहराया जाएगा और उनके कृत्यों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा.

उन्होंने कहा: “कर्नाटक में मैराथन चुनाव अभियान के कारण पहले बीजेपी और उनके प्रायोजित कठपुतलियों को जवाब नहीं दे पाने के लिए खेद है, जहां बीजेपी बुरी तरह हारने वाली है. कर्नाटक राज्य में कोई भी विचलन भाजपा को नहीं बचा सकता है.”

श्रीनिवास दिसंबर 2020 से IYC के अध्यक्ष हैं.

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