Saturday, 25 June, 2022
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योगी आदित्यनाथ का अधिकारियों को सख्त निर्देश, कहा- काम में लेटलतीफी और टालमटोल नहीं की जाएगी बर्दाश्त

सीएम ने कहा कि सभी विभागाध्यक्ष औचक निरीक्षण कर लंबित फाइलों, जन शिकायतों और कर्मचारियों की उपस्थिति संबंधी जानकारी लें.

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लखनऊ: यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार दोबारा बनने के बाद सीएम ने बुधवार को अधिकारियों को लोगों समस्याओं के निस्तारण के संबंध में निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि समस्याओं के निस्तारण को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए और इस मामले में किसी भी तरह की लेटलतीफी या एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के उच्च अधिकारियों के साथ बैठक के बाद दिए गए दिशा-निर्देश में कहा, ‘समस्याओं के निस्तारण की जवाबदेही तय होनी चाहिए. लेटलतीफी अथवा एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालने की प्रवृत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी. कैबिनेट के समक्ष विभागीय प्रस्तुतियां सम्बंधित मंत्री द्वारा ही की जाएंगी, विभागीय अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव केवल मदद के लिए उपस्थित होंगे.’

विभागाध्यक्ष करें औचक निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के उच्चाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य से सारे विभागाध्यक्ष अपने अधीनस्थ कार्यालयों का औचक निरीक्षण करें और कार्यालयों में स्वच्छता, जन शिकायतों के निस्तारण संबंधी स्थिति, लंबित फाइलों की स्थिति, कर्मचारियों की उपस्थिति, समयबद्धता इत्यादि की स्थिति के बारे में जानकारी लें.

प्रवक्ता के मुताबिक, ‘चूंकि कोरोनावायरस के कारण बीते दो शैक्षणिक सत्र प्रभावित रहे हैं और पढ़ने लिखने का काम प्रत्यक्ष तरीके से नहीं हो पाया इसलिए सीएम ने निर्देश दिए हैं कि आगामी सत्र की शुरुआत से पहले ‘स्कूल चलो अभियान’ को वृहद स्वरूप दिया जाना जरूरी है. विभागीय मंत्री के परामर्श से अभियान के संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली जाए. एक भी बच्चा स्कूल से वंचित नहीं रहे.’

गेहूं खरीद में किसानों को मिले MSP का लाभ

मुख्यमंत्री ने गेहूं खरीद की प्रक्रिया को लेकर भी निर्देश जारी किया है. उन्होंने कहा कि एक अप्रैल से गेहूं खरीद प्रारंभ हो रही है. इसलिए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी क्रय केंद्र पर किसानों को समस्या का सामना न करना पड़े. भंडारण गोदाम हो या क्रय केंद्र, हर जगह गेहूं की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं. उन्होंने कहा कि हर हालत में किसानों को एमएसपी का लाभ मिलना ही चाहिए. सभी क्रय केन्द्रों पर पूरी पारदर्शिता के साथ गेहूं खरीद कराई जाए और किसानों की उपज का समयबद्ध ढंग से भुगतान किया जाए.

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शुद्ध पेयजल को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल की आपूर्ति के लिए संचालित ‘हर घर नल योजना’ के अंतर्गत पाइपलाइन डाली जा रही है और जहां पाइपलाइन डाली जा चुकी है, वहां बरसात से पहले पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढों को भर दिया जाए, ताकि लोगों को असुविधा नहीं हो.

बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने इस बार अपने पास गृह मंत्रालय सहित 34 विभाग रखे हैं. वहीं डिप्टी सीएम केशव मौर्या के पास 6 विभाग हैं. यूपी को विकास के रास्ते पर आगे ले जाने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार वर्ल्ड बैंक के शिष्ट मंडल से भी लखनऊ में मुलाकात की थी.

यूपी में सात चरणों में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 255 सीटें मिलीं जबकि विपक्षी सपा को 111 सीटें मिली हैं. योगी आदित्यनाथ को दोबारा यूपी का सीएम बनाया गया है.


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