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Wednesday, 14 January, 2026
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राहुल को ‘थलाइवा’ बनाना और विजय का समर्थन: तमिलनाडु में कांग्रेस का DMK को सियासी संकेत

कांग्रेस नेताओं ने दिप्रिंट को बताया कि टीवीके नेता की फिल्म के लिए राहुल गांधी का समर्थन राजनीतिक कारणों से नहीं, बल्कि उनके निजी संबंधों की वजह से है.

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चेन्नई: तमिलनाडु में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी को “थलाइवा (नेता)” के रूप में पेश करने की कोशिश और राज्य में पहुंचने से कुछ घंटे पहले अभिनेता-राजनेता विजय की फिल्म जना नायगन के लिए उनका सार्वजनिक समर्थन—राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, जन-आकर्षण की रणनीति से ज्यादा गठबंधन समीकरणों और पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का संकेत है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी राज्य में नीलगिरि जिले के गुडलूर में सेंट थॉमस इंग्लिश हाई स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होने आए थे.

एक ऐसी पार्टी के लिए जिसका राज्य में वोट शेयर सिंगल डिजिट तक सिमट गया है और जो 1967 से सत्ता में नहीं रही है, यह कदम चौंकाने वाला है. कांग्रेस, जो कभी द्रविड़ पार्टी की प्रतिद्वंद्वी थी, आज चुनावी तौर पर सिर्फ सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के साथ साझेदारी के जरिए ही अस्तित्व में है.

आधिकारिक तौर पर कांग्रेस अभी भी डीएमके के साथ गठबंधन में है, लेकिन मंत्रिमंडल का हिस्सा नहीं है. 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने राज्य की 234 सीटों में से 133 सीटें जीती थीं और सहयोगियों के समर्थन के बिना ही सरकार बनाई थी.

राजनीतिक विश्लेषक एन. सतिया मूर्ति ने दिप्रिंट से कहा, “इस संदर्भ में, राहुल गांधी को तमिल सांस्कृतिक शब्द ‘थलाइवा’ के साथ पेश करना, जो परंपरागत रूप से मजबूत क्षेत्रीय नेताओं के लिए इस्तेमाल होता है, एक महत्वाकांक्षी कदम लगता है.”

राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी कहना है कि राहुल गांधी को “थलाइवा” के रूप में दिखाना, कांग्रेस के विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के साथ गठबंधन की अटकलों को हवा देना और सत्ता में ज्यादा हिस्सेदारी की मांग—ये सब 2026 के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ डीएमके से बेहतर सीट-बंटवारे के लिए दबाव बनाने की रणनीति हैं.

हिंदुस्तान यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान के सहायक प्रोफेसर सुनील कुमार ने दिप्रिंट से कहा, “द्रविड़ पार्टी से सत्ता गंवाने के बाद कांग्रेस ने ज्यादातर मौकों पर सत्तारूढ़ डीएमके के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ा है. 2014 के लोकसभा चुनाव में जब उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया था, तब पूरे राज्य में कांग्रेस का वोट शेयर सिर्फ 4.5 प्रतिशत था और यह कांग्रेस की ताकत दिखाता है.”

तमिलनाडु के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रभारी गिरीश चोडणकर के नेतृत्व में कांग्रेस द्वारा डीएमके के साथ सीट-बंटवारे की बातचीत के लिए समिति बनाए जाने के बाद से पार्टी के भीतर सत्ता में हिस्सेदारी की मांग उठने लगी है.

राज्य कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने दिप्रिंट से कहा, “हर पार्टी सत्ता में आना चाहती है और कांग्रेस भी चाहती है. हम राज्य में सत्ता में हिस्सेदारी की इच्छा रखते हैं, लेकिन यह गठबंधन में शामिल होने की कोई शर्त नहीं होगी.” उन्होंने राज्य में सत्ता में हिस्सेदारी को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं को स्वीकार किया.

हालांकि, कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता विजय की टीवीके के साथ संभावित चुनावी समझौते के संकेत दे रहे हों, लेकिन पार्टी नेतृत्व डीएमके के साथ गठबंधन को लेकर दृढ़ बताया जा रहा है.

तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के एक वरिष्ठ नेता ने दिप्रिंट को बताया कि गठबंधन बातचीत के लिए बनाई गई समिति पहले ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन से मुलाकात कर चुकी है और बातचीत जारी है.

वरिष्ठ नेता ने दिप्रिंट से कहा, “इसलिए पीछे हटने का सवाल ही नहीं है, लेकिन पार्टी के भीतर कुछ लोग विजय की टीवीके के साथ हाथ मिलाने की इच्छा ज़रूर रखते हैं. हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं और उनकी आवाजों को नहीं रोकते, लेकिन आखिरकार गठबंधन पर फैसला राष्ट्रीय नेतृत्व को ही करना है.”

जना नायगन के लिए राहुल का समर्थन

दिन में पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विजय अभिनीत जना नायगन को “रोकने की केंद्र की कोशिश” तमिल संस्कृति पर हमला है. राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, “मिस्टर मोदी, आप तमिल लोगों की आवाज़ को कभी दबा नहीं पाएंगे.”

उनकी यह टिप्पणी उस समय आई, जब जना नायगन के निर्माता ने मद्रास हाई कोर्ट के एक अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. इस अंतरिम आदेश में हाई कोर्ट की एकल पीठ के उस निर्देश पर रोक लगाई गई थी, जिसमें फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) से मंजूरी देने को कहा गया था.

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी ने विजय की किसी फिल्म के समर्थन में कदम रखा हो. 2017 में, जब विजय अभिनीत मर्सल को राज्य में बीजेपी के एक वर्ग के विरोध का सामना करना पड़ा था, तब राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर फिल्म के समर्थन में अपनी बात रखी थी.

उन्होंने पोस्ट किया था, “मिस्टर मोदी, सिनेमा तमिल संस्कृति और भाषा की गहरी अभिव्यक्ति है. मर्सल में दखल देकर तमिल गौरव को बदनाम करने की कोशिश मत कीजिए.”

राज्य के कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार को दिप्रिंट से कहा कि राहुल गांधी का समर्थन किसी राजनीतिक वजह से नहीं, बल्कि उनके और विजय के बीच निजी संबंधों की वजह से है.

एक वरिष्ठ नेता ने दिप्रिंट को बताया, “सिर्फ फिल्मों के लिए ही नहीं, बल्कि करूर भगदड़ के बाद भी, जिसमें 41 लोगों की जान गई थी, राहुल ने पहले मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से बात की और फिर विजय को फोन कर उनसे बातचीत की. इसलिए हर चीज को राजनीति से जोड़कर देखना ज़रूरी नहीं है.”

राज्य के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस विधानसभा में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर जमीनी स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करना चाहती है.

सुनील ने दिप्रिंट से कहा, “लेकिन सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए टीवेके के साथ जाना ज्यादा मुश्किल है. क्योंकि 10 सांसदों और 18 विधायकों को बनाए रखने के लिए भी उन्हें डीएमके के साथ ही रहना होगा. टीवीके के मौजूदा कार्यकर्ता कांग्रेस का समर्थन नहीं कर सकते और अगर कांग्रेस टीवीके के साथ जाती है, तो उसे न सिर्फ एआईएएडीएमके और बीजेपी बल्कि डीएमके के भी कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा. लोकसभा में डीएमके की संख्या को देखते हुए यह बहुत ही असंभव है.”

जब इस बारे में पूछा गया तो डीएमके नेताओं ने इस मुद्दे को हल्के में लिया और कहा कि गठबंधन की जिम्मेदारी पार्टी नेतृत्व संभाल लेगा.

डीएमके के प्रवक्ता टी.के.एस. एलंगोवन ने दिप्रिंट से कहा, “डीएमके गठबंधन को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है. तमिलनाडु में गठबंधन की राजनीति जमीनी हकीकत से तय होती है. इसलिए गठबंधन एक-दूसरे की आलोचना में उलझने के बजाय बीजेपी को हराने पर केंद्रित रहता है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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