मुंबई: महाराष्ट्र में गुरुवार को 29 नगर निगमों के चुनाव चल रहे हैं. इस बीच खासकर मुंबई में राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) पर मतदान प्रक्रिया के दौरान अमिट स्याही की जगह अमिट स्याही वाले मार्कर पेन के इस्तेमाल को लेकर शिकायतें सामने आई हैं.
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट और वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दिखाया गया है कि यह निशान एसीटोन, नेल पॉलिश रिमूवर और तेज हैंड वॉश से मिट रहा है.
शिवसेना यूबीटी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी विपक्षी पार्टियों ने भी मार्कर पेन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है.
आम आदमी पार्टी ने राज्य निर्वाचन आयोग में औपचारिक रूप से शिकायत भी दर्ज कराई है. पार्टी के मुंबई नेता रुबेन मस्करेन्हास ने एक वीडियो में दिखाया कि स्याही कैसे मिट जाती है.
Ink-marks being made on Voter’s fingers by using ‘marker pens’ instead of Govt manufactured indelible ink, is easily wearing off by the simple use of ‘Nail Polish Remover’ as I demonstrate, in this video.
Unacceptable. AAP has complained to SEC.#BMCPolls2026 pic.twitter.com/no5jqazMrw
— Ruben Mascarenhas (@rubenmasc) January 15, 2026
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मीडिया से कहा कि चुनाव आयुक्त को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “चुनाव आयुक्त को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए.”
इसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने एक बयान जारी कर कहा कि स्याही मिटाकर मतदाताओं को भ्रमित करना गलत है. बयान में कहा गया, “अगर हम किसी ऐसे मतदाता की पहचान करते हैं जो स्याही मिटाकर मतदान केंद्र आता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मतदाता दोबारा वोट नहीं कर पाएंगे, क्योंकि मतदान अधिकारी वोट डालने वालों का रिकॉर्ड रखते हैं.”
राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि नवंबर 2011 में नए नियम और दिशानिर्देश जारी होने के बाद से ही मार्कर पेन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
मतदान केल्यानंतर बोटावर लावण्यासाठी आज मार्कर पेन वापरलं जातंय, ती शाई सहज पुसली जातेय… शिवसैनिक, महाराष्ट्रसैनिक आणि शिवशक्तीच्या सर्व कार्यकर्त्यांना आवाहन आहे की सतर्क रहा, शाई पुसली जाण्याचा कोणी गैरफायदा घेत नाही ना ह्याकडे लक्ष द्या! गाफिल राहू नका!@ShivSenaUBT_… pic.twitter.com/uPInrLrUWR
— Sainath Durge (@DurgeSainath) January 15, 2026
उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई और मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने भी इस मुद्दे पर मीडिया का ध्यान खींचा. वोट डालने के बाद उन्होंने कहा, “मतदान केंद्र से बाहर निकलते ही सैनिटाइजर से यह स्याही हटाई जा सकती है. इसलिए मैं शिवसैनिकों और महाराष्ट्र सैनिकों से कहना चाहता हूं कि सतर्क रहें और संदिग्ध मतदाताओं को पकड़ें, खासकर उन्हें जिनकी उंगली से स्याही मिटाई गई हो.”
अपने गठबंधन के कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील करते हुए शिवसेना यूबीटी नेता साइनाथ दुर्गे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने दिखाया कि स्याही कैसे हटाई जा सकती है.
इसी तरह कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता सचिन सावंत ने भी अपनी पत्नी के साथ एक वीडियो में दिखाया कि स्याही कैसे मिट जाती है.
एकतर डोक्यावर पडलेला आहेसच, नगरपालिका मतदानावेळी झोपला होता का?? तिथे पोलिंग ऑफिसर कशासाठी आहेत?? ते काय नाव कशासाठी लिहून घेतात?? ओळखपञ कशासाठी बघतात?? सह्या कशासाठी घेतात???
— techevangelist (@ni3speaks) January 15, 2026
मुंबई ही नहीं, पुणे से भी ऐसी शिकायतें सामने आईं, जब एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने कहा कि स्याही मिट रही है.
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार विपक्ष इस मुद्दे को इसलिए उठा रहा है “क्योंकि वे हार की ओर हैं.”
फडणवीस ने मीडिया से कहा, “ये सभी फैसले चुनाव आयोग द्वारा लिए जाते हैं. पहले भी मार्कर पेन का इस्तेमाल होता रहा है. लेकिन अगर शिकायतें हैं तो चुनाव आयोग को इस पर ध्यान देना चाहिए.”
उन्होंने आगे कहा, “हालांकि मुझे लगता है कि कुछ लोग कल आने वाले नतीजों को पहले ही भांप रहे हैं और किसी पर दोष डालने की तैयारी कर रहे हैं.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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