Monday, 8 August, 2022
होमराजनीतिबिहार के हर शहर में 'नीतीश और मोदी नगर' के BJP के मंत्री के वादे पर क्यों हो रहा विवाद

बिहार के हर शहर में ‘नीतीश और मोदी नगर’ के BJP के मंत्री के वादे पर क्यों हो रहा विवाद

बिहार विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राय ने कहा कि बारिश का मौसम खत्म होने के बाद ‘मोदी नगर’ और ‘नीतीश नगर’ पर काम शुरू हो जाएगा.

Text Size:

नई दिल्ली: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत राय ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रदेश के उन जिलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर टाउनशिप बनाए जाएंगे जहां बेघरों को आश्रय दिया जाएगा.

बिहार विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए राय ने कहा कि बारिश का मौसम खत्म होने के बाद ‘मोदी नगर’ और ‘नीतीश नगर’ पर काम शुरू हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि बांका जिले के रजौन में टाउनशिप का निर्माण किया जाएगा जहां इस उद्देश्य के लिए भूमि की पहचान की गई है, लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना से धन मिलेगा और बाद में हमारे पास अन्य जिलों में भी इसी तरह के मोदी नगर और नीतीश नगर होंगे.

भाजपा से ताल्लुक रखने वाले मंत्री ने कहा कि योजना इसके आकर्षक नाम सहित उनके अपने दिमाग की उपज है. उन्होंने कहा, ‘हमारे सम्मानित नेताओं के नाम पर टाउनशिप का नाम रखने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है.’

इस कदम के खिलाफ राज्य की विपक्षी पार्टियां एकजुट हो गई हैं. विपक्षी दलों ने इसे कोरा वादा बताया जो कभी पूरा नहीं किया जा सकता.

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

दिप्रिंट आपके लिए ले कर आता है कहानियां जो आपको पढ़नी चाहिए, वो भी वहां से जहां वे हो रही हैं

हम इसे तभी जारी रख सकते हैं अगर आप हमारी रिपोर्टिंग, लेखन और तस्वीरों के लिए हमारा सहयोग करें.

अभी सब्सक्राइब करें

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद के राष्ट्रीय महासचिव आलोक मेहता से राय के विचार के बारे में पूछे जाने कहा, ‘भाजपा चाहे केंद्र में हो या राज्य में सत्तासीन हो इन सरकारों के बीच नाम बदलने की होड़ मची हुई है. यह उन स्थानों के नाम और योजनाओं, जो लंबे समय से चल रही हैं, की फिर से पैकेजिंग कर उसके नाम बदल देती है.’

ये घोषणा उस वक्त हुई है जब केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार शाम पटना में नीतीश कुमार के साथ मुलाकात की. भाजपा सूत्रों के अनुसार बिहार कैबिनेट में फेरबदल करने के सिलसिले में प्रधान ने नीतीश से मुलाकात की.

राय को लेकर बीते कुछ समय में कई विवाद रहे हैं. पिछले साल नवंबर में, विपक्षी दलों ने मंत्री राय पर निशाना साधा इसलिए साधा था कि हाजीपुर के एक स्कूल से शराब से भरे दो ट्रक बरामद किए गए थे. ये स्कूल मंत्री के किसी रिश्तेदार द्वारा चलाया जाता है.

बता दें कि 2016 में ही नीतीश कुमार ने राज्य में शराबबंदी लागू की थी.

भाजपा सूत्रों का कहना है कि मोदी और नीतीश कुमार के नाम पर राय बिहार कैबिनेट में बने रहने की कोशिश में लगे हैं. विपक्षी दलों ने उनपर निशाना साधते हुए दावा किया कि राय को राज्य में कोई गंभीरता से नहीं लेता.

बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने दिप्रिंट से कहा, ‘आप राम सूरत राय के पुराने वादों को देखिए. उनमें से कोई वादा पूरा नहीं हुआ. ये भी नहीं होगा.’

बता दें कि नीतीश कुमार ने भूमिहीनों के लिए पहले भी कई घोषणाएं की हैं लेकिन वे तब पटरी से उतरी गईं जब देबब्रत बंद्योपाध्याय कमीशन की बिहार भूमि सुधार पर दी गई सिफारिशों के खिलाफ विरोध होने लगा.

वहीं सीपीआई(एम) का दावा है कि नीतीश कुमार बंद्योपाध्याय कमीशन की सिफारिशों को लागू नहीं कर रही है.

(भाषा और दीपक मिश्रा के इनपुट्स के साथ)


यह भी पढ़ें: सरकार के जिला स्कूल सर्वे में 7 ‘सबसे खराब प्रदर्शन वाले’ जिलों में से 6 अरुणाचल और मिजोरम से क्यों


 

share & View comments