नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के लिए 2022 में सब कुछ अच्छा चल रहा था. दिल्ली में अपनी सत्ता मजबूत करने के बाद, पार्टी ने पंजाब में दूसरी सरकार बनाई, राजधानी की नगर निगम पर कब्ज़ा किया, गोवा में अपनी मौजूदगी बढ़ाई और गुजरात में पांच विधायकों और 14 प्रतिशत वोट शेयर के साथ जगह बनाई.
कांग्रेस के कमज़ोर होने से विपक्ष की राजनीति में खाली जगह बन गई थी. इससे राष्ट्रीय राजनीति में तीसरे विकल्प की संभावना खुली. आप को लगा कि वह एक-एक चुनावी जीत के साथ उस जगह को भर सकती है.
लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उसी साल कथित दिल्ली शराब घोटाले की शुरुआत हुई, जिसने पार्टी को अभूतपूर्व संकट में डाल दिया और एक समय ऐसा लगा कि उसका अस्तित्व ही खतरे में है.
शुक्रवार को दिल्ली की एक विशेष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर मामला खारिज करते हुए अरविंद केजरीवाल और अन्य AAP नेताओं को बरी कर दिया. इससे पहले तक पार्टी का भविष्य अनिश्चित और निराशाजनक दिख रहा था.
फैसले पर केजरीवाल की प्रतिक्रिया—टीवी कैमरों के सामने भावुक होकर रो पड़ना और बाद में घर पर पत्नी सुनीता और बच्चों हर्षिता व पुलकित को गले लगाते समय फिर से भावुक हो जाना—यह दिखाता है कि पिछले चार सालों ने उन पर कितना भावनात्मक असर डाला.
केजरीवाल ने अदालत से बाहर आने के बाद पत्रकारों से कहा, “नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने मिलकर AAP को खत्म करने की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश रची. मौजूदा मुख्यमंत्री को घर से घसीटकर जेल में डाल दिया गया. केजरीवाल भ्रष्ट नहीं है. मैंने ज़िंदगी में सिर्फ ईमानदारी कमाई है. आज अदालत ने कहा है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और AAP ईमानदार हैं.”
उनका ईमानदारी पर जोर देना इस बात को दिखाता है कि केस के दौरान पार्टी की सबसे बड़ी चुनौती क्या थी—भ्रष्टाचार का दाग.
भारतीय राजनीति में बड़े नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगना आम बात है, लेकिन AAP के लिए यह ज्यादा बड़ा बोझ बन गया क्योंकि पार्टी नवंबर 2012 में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से बनी थी और उसे जोड़े रखने के लिए मजबूत वैचारिक आधार नहीं था.
फरवरी 2023 में सिसोदिया की गिरफ्तारी से शुरू होकर मार्च 2024 में केजरीवाल की गिरफ्तारी तक, नेताओं की गिरफ्तारी के साथ भ्रष्टाचार का दाग गहराता गया और AAP खुद को संभालने की कोशिश करती रही. केजरीवाल की गिरफ्तारी—आज़ाद भारत में किसी मौजूदा मुख्यमंत्री की पहली गिरफ्तारी, ने AAP को पूरी तरह हिला दिया.
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के अलावा, AAP के प्रमुख नेता संजय सिंह और सत्येंद्र जैन को भी अक्टूबर 2023 और मई 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में गिरफ्तार किया गया.
केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने या किसी और नेता को जिम्मेदारी सौंपने से इनकार कर दिया. इससे दिल्ली में शासन, जो पहले से ही चुनी हुई सरकार और केंद्र द्वारा नियुक्त उपराज्यपाल के बीच विवाद से प्रभावित था और ज्यादा अव्यवस्थित हो गया.
सितंबर 2024 में लगभग पांच महीने जेल में रहने के बाद जब वह बाहर आए और आतिशी को अपना उत्तराधिकारी मुख्यमंत्री घोषित किया, तब तक AAP के लिए अपने ‘दिल्ली मॉडल’ पर दोबारा पकड़ बनाना देर हो चुकी थी.
पांच महीने बाद, भारतीय जनता पार्टी ने एक दशक बाद दिल्ली की सत्ता से AAP को हटा दिया. इससे केजरीवाल काफी चुप हो गए. उन्हें इस झटके से उबरने और 2027 में किसी भी तरह सत्ता बनाए रखने के लिए पंजाब पर ध्यान केंद्रित करने में कई महीने लग गए.
AAP के एक वरिष्ठ नेता ने दिप्रिंट से कहा, “अब तक हमारा पूरा ध्यान पंजाब जीतने पर था क्योंकि हमें उम्मीद नहीं थी कि केस इतनी जल्दी खत्म हो जाएगा. हमारे अस्तित्व के लिए कम से कम एक राज्य में सत्ता में रहना ज़रूरी था. कोर्ट का बरी करने का आदेश हमारे लिए बड़ा हौसला बढ़ाने वाला है. अब हम पंजाब ही नहीं, गुजरात में भी पूरी ताकत से उतर रहे हैं.”
हाल के हफ्तों में केजरीवाल ने गुजरात के कई दौरे किए हैं, जहां मार्च में शहरी निकाय चुनाव होने हैं. पिछले कुछ महीनों में कई इस्तीफों, जिनमें AAP के गुजरात किसान विंग के अध्यक्ष राजू करपड़ा का इस्तीफा भी शामिल है, ने पार्टी को झटका दिया है.
AAP के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कानूनी राहत मिलने के बाद नेतृत्व के सामने तीन बड़े काम हैं: कार्यकर्ताओं का मनोबल दोबारा बनाना, मतदाताओं को भरोसा दिलाना कि साफ राजनीति का उनका मूल सिद्धांत अब भी साफ है और पंजाब में शासन की कहानी फिर से मजबूत करना.
एक पार्टी पदाधिकारी ने दिप्रिंट से कहा, “बीजेपी ने जो चाहा वह हासिल कर लिया. सच यह है कि हम दिल्ली हार चुके हैं और दोबारा सत्ता में आना मुश्किल होता जा रहा है, क्योंकि चुनाव अब बहुत लेन-देन वाले हो गए हैं. हमारी चुनौती होगी यह साबित करना कि हमारे खिलाफ पूरा अभियान बेबुनियाद था, क्योंकि अदालत ने आरोप पत्र पर ध्यान तक नहीं दिया.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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