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Tuesday, 17 February, 2026
होमराजनीति‘अजित दादा की मौत के साथ ही बातचीत खत्म हो गई’—सुप्रिया सुले, रोहित पवार का NCP विलय से इनकार

‘अजित दादा की मौत के साथ ही बातचीत खत्म हो गई’—सुप्रिया सुले, रोहित पवार का NCP विलय से इनकार

रोहित ने कहा कि विलय पर बातचीत एनसीपी (एसपी) के जयंत पाटिल के घर पर अजित पवार के साथ हुई थी और पाटिल के घर के सामने स्थित बीजेपी मंत्री लोढ़ा के घर का सीसीटीवी फुटेज सबूत हो सकता है.

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मुंबई: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के बाद नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो गुटों के फिर से एक होने को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच, अब दोनों खेमों के नेताओं ने ऐसे किसी भी कदम से इनकार कर दिया है.

मीडिया से बात करते हुए, एनसीपी (शरद पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाले गुट और अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के बीच विलय का मुद्दा पहले महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ चर्चा में आया था, जिनकी 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई.

उन्होंने कहा, “अजित दादा द्वारा लिए गए फैसले अब उनके साथ ही चले गए. अब जब मेरे भाई नहीं रहे, तो इस बारे में (विलय) बात करने का क्या फायदा?”

उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने भी सुले की बात दोहराई.

रोहित ने कहा, “यह मुद्दा अब खत्म हो गया है. हमने अजित दादा के साथ बैठकें की थीं. एनडीए के साथ जाना है या अजित दादा गठबंधन से बाहर आकर सड़कों पर लड़ाई लड़ेंगे—इसी बारे में हमने उनसे बात की थी.”

उन्होंने आगे कहा, “लेकिन अब जब अजित दादा नहीं रहे, तो इस पर चर्चा करना बेकार है. हमारे लिए, विलय का मुद्दा उसी समय खत्म हो गया जब उनका निधन हुआ.”

रोहित ने कहा कि एनसीपी के दूसरे गुट के नेता विलय का मुद्दा “सिर्फ पवार साहेब, सुप्रिया सुले और मुझे विरोध करने, राजनीतिक रूप से प्रासंगिक बने रहने और ताकतवर दिखने के लिए उठा रहे हैं.”

उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर बैठकें एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल के घर पर होती थीं और दावा किया कि बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा के घर का सीसीटीवी फुटेज, जो पाटिल के घर के सामने है, इसका सबूत हो सकता है.

सोमवार रात, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार द्वारा बुलाई गई एनसीपी विधायकों की बैठक के बाद, पार्टी के राज्य अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मीडिया से कहा कि विलय एजेंडा में नहीं है और विधायकों को इस बारे में बात नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं.

अजित पवार की मौत के तुरंत बाद, एनसीपी (एसपी) के कई नेताओं ने कहा था कि वह पार्टी के दोनों गुटों के फिर से एक होने की संभावना पर चर्चा कर रहे थे. कुछ नेताओं, जिनमें महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख भी शामिल हैं, ने दावा किया कि विलय उनकी “आखिरी इच्छा” थी और इसका सम्मान किया जाना चाहिए. हालांकि, अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के नेता इस बारे में ज्यादा सावधान थे. प्रफुल पटेल, जो पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री थे और अन्य नेताओं ने इस बात से इनकार किया कि अजित पवार ने अपनी मौत से पहले ऐसी कोई चर्चा की थी.

कई महीनों से यह अटकलें चल रही थीं कि एनसीपी के दोनों गुट एक हो जाएंगे. 2024 विधानसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद, जिसमें शरद पवार के गुट को 288 सदस्यीय सदन में सिर्फ 10 सीटें मिलीं—पार्टी की स्थिति कमज़ोर होने लगी.

दिसंबर 2025 में, शरद पवार और अजित पवार गुट ने पुणे और पिंपरी-चिंचवड नगर निगम चुनाव साथ में लड़ा, लेकिन वे किसी भी नगर निगम पर कब्जा नहीं कर पाए.

दोनों पक्ष फरवरी के जिला परिषद चुनाव एक साथ, एक ही मंच और एक ही चुनाव चिन्ह—घड़ी—पर लड़ने की योजना बना रहे थे और उन चुनावों के बाद औपचारिक विलय की बात हो रही थी. हालांकि, 28 जनवरी को अजित पवार की मौत के बाद ये बातचीत रुक गई.

शरद पवार ने पत्रकारों से कहा कि विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी थी और 12 फरवरी को इसकी घोषणा होने वाली थी, लेकिन अब दोनों गुटों ने बातचीत रोक दी है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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